'द हंड्रेड' के ऑक्शन पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को सनराइजर्स लीड्स ने खरीदा था, लेकिन वह किसी भारतीय मालिक वाली टीम से जुड़ने वाले पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी बने. इस फैसले पर सोशल मीडिया में विवाद छिड़ गया.
इसी बीच साउदर्न ब्रेव के कोच हेमांग बदानी ने भी खुलासा किया कि उनकी टीम की लिस्ट में भी पाकिस्तानी खिलाड़ी शामिल थे.
इंग्लैंड की फ्रेंचाइजी लीग द हंड्रेड (The Hundred) की पहली बड़ी नीलामी में पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद (Abrar Ahmed) को खरीदने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है. उन्हें सनराइजर्स लीड्स (Sunrisers Leeds) ने 1.90 लाख पाउंड (करीब 2.34 करोड़ रुपये) में खरीदा. इसके साथ ही अबरार ‘द हंड्रेड’ में किसी भारतीय मालिक वाली टीम से जुड़ने वाले पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी बन गए.
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सनराइजर्स लीड्स, सनराइजर्स हैदराबाद की सिस्टर फ्रेंचाइजी है, जो इंडियन प्रीमियर लीग में खेलती है. इसकी CEO काव्या मारन हैं. इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर काफी आलोचना देखने को मिली और कुछ यूजर्स ने टीम के मालिकों और फ्रेंचाइजी को निशाने पर लिया.
इतना ही नहीं, अबरार को खरीदने के कुछ ही घंटों बाद सनराइजर्स लीड्स का आधिकारिक X (पहले ट्विटर) अकाउंट भी सस्पेंड हो गया, जिससे विवाद और बढ़ गया.
इसी बीच साउदर्न ब्रेव के हेड कोच हेमांग बदानी बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया कि उनकी टीम की नीलामी सूची में भी कुछ पाकिस्तानी खिलाड़ी शामिल थे. बदानी ने 'टाइम्स ऑफ इंडिया' से बातचीत में कहा- हमारी सूची में कुछ खिलाड़ी थे.
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बदानी, दिल्ली कैपिटल्स के भी हेड कोच हैं. उन्होंने ने बताया कि टीम ऑक्शन में मुख्य रूप से किसी स्पिनर को साइन करना चाहती थी, चाहे वह विदेशी हो या स्थानीय खिलाड़ी.
आखिरकार फ्रेंचाइजी ने इंग्लैंड के लेग स्पिनर आदिल रशीद को 2.5 लाख पाउंड में खरीदा. बदानी ने कहा कि टीम का मकसद सबसे मजबूत स्क्वॉड बनाना था.
उन्होंने बताया-हमारे पास पहले से ट्रिस्टन स्टब्स और मार्कस स्टोइनिस थे. इसलिए हम या तो किसी विदेशी स्पिनर या स्थानीय स्पिनर को लेना चाहते थे और हमें आदिल राशिद मिल गए. इसके बाद टीम ने भारत में जन्मे ऑलराउंडर निखिल चौधरी को भी अपने साथ जोड़ा. हालांकि, अबरार अहमद की एंट्री के बाद से एक अलग बहस छिड़ गई है.
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