IPL टिकटों की ब्लैक मार्केटिंग... 15 से 19 हजार में बेचे जा रहे थे टिकट, चिन्नास्वामी स्टेडियम का कैंटीन कर्मचारी अरेस्ट

इस ताजा मामले ने इंडियन प्रीमियर लीग में टिकट वितरण की पारदर्शिता पर और बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रशंसक जहां ऑनलाइन टिकट पाने के लिए घंटों कोशिश करते हैं. वहीं दूसरी तरफ टिकटों की कालाबाजारी जैसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं.

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आरोपी कैंटीन कर्मचारी पुलिस की गिरफ्त में... (Photo: ITG) आरोपी कैंटीन कर्मचारी पुलिस की गिरफ्त में... (Photo: ITG)

सगाय राज

  • बेंगलुरु,
  • 17 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 5:32 PM IST

बेंगलुरु में  IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) टिकटों की कालाबाजारी पर बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस ने एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के एक कैंटीन कर्मचारी को गिरफ्तार कर उसके पास से करीब 100 मैच टिकट बरामद किए हैं. आरोपी इन टिकटों को कई गुना ज्यादा कीमत पर बेचने की कोशिश कर रहा था/

गिरफ्तार आरोपी की पहचान चंद्रशेखर के रूप में हुई है, जो स्टेडियम के अंदर स्थित श्री लक्ष्मी कैंटीन में काम करता था. पुलिस के मुताबिक वह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) vs लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) मुकाबले के टिकट 15000 से 19000 रुपये तक में बेच रहा था, जबकि इन टिकटों की वास्तविक कीमत इससे काफी कम थी.

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आरोपी ने क्या खुलासा किया?
छापेमारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से करीब 100 टिकट बरामद किए. पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि ये टिकट उसे गणेश परीक्षित ने उपलब्ध कराए थे. आरोपी के मुताबिक, गणेश ने उसे निर्देश दिया था कि टिकटों को ऊंची कीमत पर बेचकर मुनाफा कमाया जाए.
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फिलहाल गणेश परीक्षित फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने कुछ निजी कंपनियों के प्रबंध निदेशकों के खिलाफ भी FIR दर्ज की है. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि टिकटों की कालाबाजारी का यह नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं.
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यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब कर्नाटक में आईपीएल टिकट वितरण को लेकर पहले से विवाद चल रहा है, हाल ही में उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राज्य के सभी विधायकों को चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाले मैचों के लिए तीन-तीन कॉम्प्लिमेंट्री टिकट देने की घोषणा की थी. इस फैसले पर विपक्ष और कई विधायकों ने भी सवाल उठाए थे. उनका कहना था कि आम लोग टिकट पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि VIP और राजनीतिक वर्ग को आसानी से टिकट मिल रहे हैं.

इस पूरे विवाद ने कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जांच में और कौन-कौन से नाम सामने आते हैं और IPL टिकटों की कालाबाजारी पर कितनी बड़ी कार्रवाई होती है.

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