श्रीलंका क्रिकेट (SLC) और नुवान तुषारा के बीच चल रहा विवाद अब नया मोड़ ले चुका है. श्रीलंका क्रिकेट से जुड़े सूत्रों ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि तेज गेंदबाज तुषारा ने बोर्ड को ई-मेल भेजकर माफी मांगी है. तुषारा ने कहा कि उनका उद्देश्य गवर्निंग बॉडी को असुविधा पहुंचाना नहीं था. उन्होंने यह भी साफ किया कि वह सिर्फ अपने साथ हुए व्यवहार को लेकर न्याय और निष्पक्षता चाहते थे.
हालांकि, अब उनके इस कदम को यू-टर्न के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि कुछ ही दिन पहले उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में खेलने के लिए श्रीलंका क्रिकेट को कोर्ट में चुनौती दी थी. नुवान तुषारा यह भी कहा कि वह सिर्फ न्याय और निष्पक्षता की मांग कर रहे थे क्योंकि उन्हें लगा कि उनके साथ गलत व्यवहार हुआ है.
फिटनेस टेस्ट में हो गए थे फेल
दरअसल, नुवान तुषारा IPL 2026 में खेलने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) चाहते थे, लेकिन श्रीलंका क्रिकेट ने उनका अनुरोध ठुकरा दिया था. बोर्ड का कहना था कि तुषारा फिटनेस टेस्ट पास नहीं कर पाए. इसी के खिलाफ उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. तुषारा ने अदालत से मांग की थी कि श्रीलंका क्रिकेट को एनओसी जारी करने का निर्देश दिया जाए, ताकि वह आईपीएल में हिस्सा ले सके.
सुनवाई के दौरान श्रीलंका क्रिकेट ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वह नुवान तुषारा की याचिका का विरोध करेगा. अदालत ने श्रीलंका क्रिकेट की दलील स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई 23 अप्रैल तय की है.
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने नुवान तुषारा को आईपीएल 2026 के लिए रिटेन किया था. वह इससे पहले 2024 और 2025 में भी आईपीएल का हिस्सा रह चुके हैं. बता दें कि 2024 के सीजन में तुषारा मुंबई इंडियंस (MI) का पार्ट थे. अब एनओसी विवाद और फिटनेस मुद्दों के कारण उनका खेलना अधर में लटक गया है.
नुवान तुषारा का अचानक माफी मांगना और केस वापस लेने का संकेत देना इस पूरे मामले में बड़ा यू-टर्न माना जा रहा है. अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या वह वास्तव में केस वापस लेते हैं और आईपीएल 2026 में खेलने का उनका सपना पूरा हो पाता है या नहीं.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क