बुमराह का डर भगाया! 15 साल के सूर्यवंशी ने ‘जस्सी’ को कुछ समझा ही नहीं, पहली ही गेंद उड़ा दी

मुकाबले का टर्निंग पॉइंट 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की निडर बल्लेबाजी रही, जिन्होंने 14 गेंदों में 39 रन ठोकते हुए जसप्रीत बुमराह की पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर दबाव पूरी तरह पलट दिया.

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बुमराह का यादगार सामना... सूर्यवंशी की बल्ले-बल्ले... (Photp, PTI) बुमराह का यादगार सामना... सूर्यवंशी की बल्ले-बल्ले... (Photp, PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 12:14 PM IST

बारिश से सिमटे 11 ओवरों के मुकाबले में मंगलवार रात राजस्थान रॉयल्स (RR) ने मुंबई इंडियंस (MI) को 27 रनों से हराकर न सिर्फ लगातार तीसरी जीत दर्ज की, बल्कि अंदाज ऐसा रखा जिसने पूरे टूर्नामेंट को चौंका दिया. 6 अंकों के साथ शीर्ष पर पहुंची राजस्थान की इस जीत में जहां यशस्वी जायसवाल (32 गेंदों में नाबाद 77 रन, 10 चौके, 4 छक्के ) ने पारी को मजबूती दी, वहीं 15 साल के वैभव सूर्यवंशी (14 गेंदों में 39 रन, एक चौका, 5 छक्के) ने मैच का टोन ही बदल दिया और शुरुआत से ही मैच का रुख एकतरफा कर दिया.

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जायसवाल की पारी क्लास, धैर्य और नियंत्रण की मिसाल थी, लेकिन सुर्खियां पूरी तरह सूर्यवंशी ने बटोरीं- एक ऐसा 'बच्चा' जिसने बिना किसी हिचक के जसप्रीत बुमराह और ट्रेंट बोल्ट जैसे अनुभवी तेज गेंदबाजों पर हमला बोलते हुए यह साफ कर दिया कि यह पारी सिर्फ रन बनाने की नहीं, बल्कि दबदबा बनाने की थी.

राजस्थान की पारी की शुरुआत विस्फोटक रही. जायसवाल और सूर्यवंशी ने महज 3.2 ओवरों के पावरप्ले में बिना विकेट खोए 59 रन जोड़ दिए. छोटे फॉर्मेट के इस मुकाबले में यही साझेदारी निर्णायक साबित हुई. जायसवाल ने जहां टाइमिंग और गैप खोजने की कला दिखाई, वहीं सूर्यवंशी ने हर ढीली गेंद को बाउंड्री के पार भेजने में कोई संकोच नहीं किया. उनकी बल्लेबाजी में जोखिम जरूर था, लेकिन आत्मविश्वास उससे कहीं ज्यादा.

इस मुकाबले का सबसे दिलचस्प पहलू रहा बुमराह Vs सूर्यवंशी- पार्ट-2

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पिछले साल जयपुर में खेले गए मैच में सूर्यवंशी को दीपक चाहर ने दूसरे ही गेंद पर आउट कर दिया था और वह खाता भी नहीं खोल सके थे. उस मैच में उन्हें बुमराह का सामना करने का मौका नहीं मिला था.

... लेकिन गुवाहाटी में कहानी पूरी तरह बदल गई. मुंबई के कप्तान ने पारी का दूसरा ओवर बुमराह को थमाया और सामने थे 15 साल के सूर्यवंशी.

पहली ही गेंद- मिडिल और लेग पर पड़ी- सूर्यवंशी ने बिना झिझक मिड-ऑन के ऊपर से छक्के के लिए भेज दी. यह शॉट सिर्फ रन नहीं था, बल्कि एक संदेश था कि युवा बल्लेबाज किसी भी नाम से नहीं डरता.

इसी ओवर की चौथी गेंद पर उन्होंने एक और छक्का जड़ दिया. बुमराह उस समय स्पष्ट तौर पर दबाव में नजर आए.

बोल्ट और शार्दुल भी नहीं बचे

सूर्यवंशी का आक्रमण सिर्फ बुमराह तक सीमित नहीं रहा. उन्होंने ट्रेंट बोल्ट की गेंद पर डीप बैकवर्ड स्क्वॉयर लेग के ऊपर से शानदार छक्का लगाया. गेंद की लेंथ थोड़ी सी भी छोटी या पैड्स की तरफ हुई, तो सूर्यवंशी ने उसे तुरंत भुनाया.

इसके बाद जब कप्तान ने शार्दुल ठाकुर को आक्रमण पर लगाया, तब भी नतीजा अलग नहीं रहा. सूर्यवंशी ने उनकी पहली ही गेंद पर छक्का जड़ दिया. उसी ओवर में उन्होंने दो छक्के और एक चौका लगाया. हालांकि ओवर की अंतिम गेंद पर वह डीप कवर पर कैच आउट हो गए, लेकिन तब तक वह अपना काम कर चुके थे.

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ऐसे में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की यह पारी देखते ही उनके आईपीएल डेब्यू की याद ताजा हो जाती है- एक ऐसा आगाज, जिसमें उन्होंने पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर अपनी पहचान बना दी थी.

आईपीएल- 2025 में राजस्थान रॉयल्स की ओर से लखनऊ सुपरजायंट्स के खिलाफ उतरे सूर्यवंशी ने 14 साल 23 दिन की उम्र में इतिहास रचते हुए लीग के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी के तौर पर डेब्यू किया था.

खास बात यह रही कि उस मुकाबले में भी उन्होंने अपने तेवर पहली ही गेंद पर दिखा दिए थे और दिलचस्प रूप से गेंदबाज वही थे, शार्दुल ठाकुर. सूर्यवंशी ने अपनी ओर आ रही आईपीएल की उस पहली गेंद को बिना किसी झिझक के एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से छक्के के लिए भेज दिया था.

यानी डेब्यू की पहली गेंद से लेकर अब तक कहानी नहीं बदली है- सिर्फ मंच बड़ा हुआ है और आत्मविश्वास और मजबूत. उस मैच में उन्होंने 20 गेंदों पर 34 रन बनाए थे, लेकिन उससे भी ज्यादा चर्चा उनके बेखौफ अंदाज की हुई थी.

अब एक साल बाद, वही पैटर्न फिर दिखा- गेंदबाज बड़े, दबाव बड़ा, लेकिन सूर्यवंशी का इरादा वही… पहली ही गेंद से हमला. यही निरंतरता उन्हें खास बनाती है और यही संकेत देती है कि यह खिलाड़ी सिर्फ शुरुआत नहीं करता, बल्कि शुरुआत से ही मैच अपने कब्जे में लेने का माद्दा रखता है.

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