'आपकी आवाज हमेशा जिंदा रहेगी', आशा भोसले को याद कर भावुक हुए ब्रेट ली

भारतीय संगीत जगत की दिग्गज आशा भोसले के निधन से पूरी दुनिया शोक में डूबी हुई है. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने उन्हें याद करते हुए एक भावुक संदेश साझा किया है, जिसमें उन्होंने उनके साथ बिताए खास पलों और उनकी सादगी को याद किया.

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ब्रेट ली ने आशा भोसले संग गाना गाया था. (Photo: Instagram/@brettlee_58) ब्रेट ली ने आशा भोसले संग गाना गाया था. (Photo: Instagram/@brettlee_58)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 13 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 6:14 PM IST

महान गायिका आशा भोसले के 92 वर्ष की उम्र में निधन की खबर ने देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के संगीत प्रेमियों को भावुक कर दिया. इस बीच ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने उन्हें याद करते हुए एक दिल छू लेने वाली श्रद्धांजलि दी है, जिसमें उन्होंने आशा भोसले के साथ बिताए गए पलों को याद किया है.

ब्रेट ली ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, "मुझे 2006 में आशा भोसले के साथ 'यू आर द वन फॉर मी' लिखने और रिकॉर्ड करने का सौभाग्य मिला था. इसके लिए मैं हमेशा बेहद आभारी रहूंगा.उनकी असाधारण प्रतिभा ही नहीं, बल्कि उनका दयालु और विनम्र स्वभाव भी मुझे सबसे ज्यादा याद रहा."

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ब्रेट ली ने आगे लिखा, "जीवन में इतनी उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद, उनका आचरण बेहद स्नेहपूर्ण और उदार था. मेरी संवेदनाएं इस समय उनके परिवार और दोस्तों के साथ हैं. मुझे बहुत खुशी है कि मुझे इतनी खास शख्सियत के साथ कुछ पल बिताने का मौका मिला. इसमें कोई शक नहीं कि उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी."

आशा भोसले का करियर भारतीय संगीत इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय रहा है. उन्होंने 12000 से अधिक गाने गाए और हर शैली में अपनी छाप छोड़ी. हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर में उन्होंने मोहम्मद रफी, किशोर कुमार और लता मंगेशकर जैसे दिग्गजों के साथ मिलकर अनगिनत कालजयी गीत दिए. संगीतकार आरडी बर्मन और ओ.पी. नैयर  के साथ उनकी जोड़ी ने ऐसे गाने दिए, जो सदियों तक गूंजते रहेंगे.

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ब्रेट ली और आशा भोसले का रिश्ता सिर्फ एक कलाकार और प्रशंसक का नहीं था, बल्कि यह एक खास सहयोग से भी जुड़ा था. दोनों ने मिलकर 'यू आर द वन फॉर मी' गाना रिकॉर्ड किया, जो क्रिकेट और संगीत के मेल का दुर्लभ उदाहरण बना. यह प्रोजेक्ट ICC चैम्पियंस ट्रॉफी 2006 के दौरान शुरू हुआ था और बाद में यह गाना काफी लोकप्रिय भी हुआ था. ली ने याद किया कि कुछ महीनों बाद जब वह सिडनी स्थित ओपेरा हाउस में आशा जी से मिले, तो उन्होंने उन्हें साइन किया हुआ एल्बम गिफ्ट किया.

आशा भोसले का जाना सिर्फ एक कलाकार का जाना नहीं है, बल्कि एक युग का अंत है. उनकी आवाज, उनके गाने और उनकी यादें हमेशा जिंदा रहेंगी और यही उनकी सबसे बड़ी पहचान है.

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