भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (Board of Control for Cricket in India) अब देश में तेज गेंदबाजों की नई फौज तैयार करने के मिशन पर काम कर रहा है. भारतीय क्रिकेट में लंबे समय से एक बड़ी समस्या यह रही है कि कई युवा तेज गेंदबाज शानदार शुरुआत के बाद लगातार फिटनेस और इंजरी से जूझते रहे हैं. इसी को देखते हुए BCCI अब बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में तीन नए फास्ट बॉलिंग कोच नियुक्त करना चाहता है. पिछले साल ट्रॉय कूली के जाने के बाद से CoE में कोई स्थायी तेज गेंदबाजी कोच नहीं है. ऐसे में बोर्ड अब इस विभाग को पूरी तरह मजबूत करना चाहता है.
पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी (Lakshmipathy Balaji) इस रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं. बालाजी वही गेंदबाज हैं जिन्होंने 2003-04 पाकिस्तान दौरे पर शानदार प्रदर्शन कर भारतीय टीम की ऐतिहासिक सीरीज जीत में अहम भूमिका निभाई थी. उनके अलावा वीआरवी सिंह का नाम भी प्रमुख दावेदारों में शामिल है.
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि पी कृष्ण कुमार, विनय कुमार और टीनू योहानन भी इस रेस में बने हुए हैं. BCCI का मानना है कि घरेलू स्तर से लेकर इंडिया A और राष्ट्रीय टीम तक तेज गेंदबाजों की निरंतर सप्लाई बनाए रखने के लिए विशेषज्ञ कोचिंग सिस्टम जरूरी है.
हाल के वर्षों में उमरान मलिक, टी नटराजन और मयंक यादव जैसे गेंदबाजों ने अपनी रफ्तार और प्रतिभा से प्रभावित किया, लेकिन चोट और फिटनेस समस्याओं के कारण निरंतरता नहीं रख सके. यही वजह है कि भारतीय टीम को कई बार बैकअप तेज गेंदबाजों की कमी महसूस हुई.
BCCI का यह नया कदम आने वाले वर्षों में भारतीय तेज गेंदबाजी को नई दिशा दे सकता है. बोर्ड की कोशिश सिर्फ तेज गेंदबाज तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे पेसर्स बनाना है जो लंबे समय तक फिट रहकर लगातार प्रदर्शन कर सकें.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क