'पापा हों तो संजय बांगड़ जैसे...', सर्जरी के बाद दर्द में अनाया, पिता का साथ बना सबसे बड़ी ताकत

अनाया ने जेंडर अफर्मिंग सर्जरी के बाद खास तौर पर अपने पिता संजय बांगड़ का जिक्र करते हुए लिखा कि जीवन के इस सबसे महत्वपूर्ण पल पर उनका साथ मिलना बेहद मायने रखता है. अनाया बांगड़ की यात्रा सिर्फ व्यक्तिगत बदलाव की नहीं, बल्कि पहचान की तलाश की कहानी भी है.

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अनाया के पिता संजय बांगड़ ने भारतीय टीम के लिए 27 मुकाबलों में भाग लिया. (Photo: instagram/@anayabangar) अनाया के पिता संजय बांगड़ ने भारतीय टीम के लिए 27 मुकाबलों में भाग लिया. (Photo: instagram/@anayabangar)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 5:49 PM IST

टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर संजय बांगड़ के बेटे आर्यन अब अनाया के रूप में नई पहचान के साथ जिंदगी जी रहे हैं. साल 2023 में हॉर्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) के बाद आर्यन ने अपना नाम अनाया रख लिया था. यह सफर आसान नहीं था, लेकिन अब अनाया अपनी पहचान के साथ मजबूती से खड़ी हैं और सोशल मीडिया पर भी तेजी से लोकप्रिय हो चुकी हैं.

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अनाया बांगड़ ने थाईलैंड में जेंडर अफर्मिंग सर्जरी सफलतापूर्वक कराई. इस खास पल को उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए अपनी भावनात्मक यात्रा और परिवार के समर्थन के बारे में खुलकर बात की. अनाया ने अस्पताल से एक तस्वीर साझा की, जिसमें उनके साथ उनके पिता संजय बांगड़ नजर आ रहे हैं.

पिता का साथ मिलना बेहद खास
अनाया बांगड़ ने बताया कि यह सफर आसान नहीं था, ना सिर्फ उनके लिए, बल्कि पूरे परिवार के लिए. समय के साथ समझ, स्वीकार्यता और सपोर्ट आया, जिसने इस मुश्किल दौर को आसान बना दिया. अनाया ने अपने पोस्ट में लिखा कि इस महत्वपूर्ण पल पर पिता का साथ उनके लिए बेहद खास रहा.

अनाया बांगड़ ने लिखा कि शुरुआत में परिवार के लिए यह सब समझना आसान नहीं था, लेकिन जब सपोर्ट मिला, तो वह पूरी तरह सच्चा और मजबूत था. सोशल मीडिया पर अनाया की पोस्ट वायरल हो गई. जहां फैन्स ने उनके साहस और संजय बांगड़ के समर्थन की जमकर तारीफ की. फैन्स का मानना है कि पापा हों तो संजय बांगड़ जैसे, जिन्होंने मुश्किल वक्त में अनाया का साथ निभाया.

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जेंडर अफर्मिंग सर्जरी के बाद अनाया बांगड़ काफी दर्द में हैं. अनाया बांगड़ ने कुछ दिन पहले एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वो सर्जरी के बाद अस्पताल की नर्स की मदद से धीरे-धीरे चलती दिखाई दे रही थीं.

अनाया बांगड़ का क्रिकेट से रिश्ता बेहद गहरा रहा है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मुंबई के मशहूर इस्लाम जिमखाना क्लब से की और जल्द ही अपनी प्रतिभा से पहचान बनाई. 2019 की कूच बिहार ट्रॉफी में पुडुचेरी की ओर से खेलते हुए उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच मैचों में 300 रन कूटे, जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल थे.

उस दौरान उन्होंने गेंदबाजी में भी कमाल दिखाते हुए 20 विकेट झटके. उनका सफर यहीं नहीं रुका. अनाया में तब्दील हो चुके आर्यन इंग्लैंड भी गए, जहां उन्होंने लीसेस्टरशायर के हिंकले क्रिकेट क्लब के लिए खेलते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव हासिल किया.

अब अनाया बांगड़ का सपना भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए खेलने का है, लेकिन मौजूदा नियम उनके रास्ते में बड़ी चुनौती बने हुए हैं. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के नियमों के मुताबिक ट्रांसवुमन खिलाड़ियों को इंटरनेशनल महिला क्रिकेट में खेलने की अनुमति नहीं है...

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