भारतीय क्रिकेट टीम ने रविवार को कोलकाता में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप के करो या मरो सुपर-8 मुकाबले में वेस्टइंडीज को 5 विकेट से रौंद दिया. 196 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया ने सैमसन की 50 गेंदों पर नाबाद 97 रनों की पारी के दम पर ये टोटल चेज किया और सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया.
लेकिन भारत की इस महाजीत के बाद चर्चा सिर्फ सैमसन की नहीं रही. प्रेस वार्ता में भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी छा गए, जिन्होंने कई सवालों का बेबाकी से जवाब दिया. इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि अच्छा लगा की मैच में छोटे योगदान को भी सराहा जा रहा है. जबकि लंबे समय से क्रेडिट केवल कुछ लोगों को ही मिला है.
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‘ड्रॉप’ नहीं, संभालकर रखा गया खिलाड़ी
टूर्नामेंट की शुरुआत में सैमसन को टीम से बाहर रखा गया था. बाहर से देखने पर लगा कि खराब फॉर्म के कारण उन्हें हटाया गया है. लेकिन गंभीर ने साफ किया कि यह फैसला सोचा-समझा था. गंभीर ने कहा, हम जानते थे कि संजू में कितना दम है. उसके नाम तीन टी20 शतक हैं. हर खिलाड़ी खराब दौर से गुजरता है. कभी-कभी उसे दबाव से बाहर निकालना भी जरूरी होता है. हमें भरोसा था कि जरूरत पड़ने पर वह विश्व कप में जरूर प्रदर्शन करेगा.
आंकड़ों से ज्यादा भरोसा अनुभव पर
प्रेस वार्ता में सबसे चौंकाने वाली बात तब आई जब गंभीर ने साफ कहा कि उन्हें आंकड़ों पर ज्यादा भरोसा नहीं है. उन्होंने कहा, मैं आंकड़ों पर विश्वास नहीं करता. टी20 क्रिकेट समझ और आत्मविश्वास का खेल है. जो अनुभव है, वही कप्तान के साथ साझा करता हूं. आखिरी फैसला कप्तान का होता है.
बुमराह को लेकर क्या बोले गंभीर
तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को इस मैच में अलग-अलग समय पर इस्तेमाल किया गया. गंभीर ने कहा, वेस्टइंडीज के मध्यक्रम में काफी ताकत है. इसलिए हमें बीच के ओवरों में बुमराह की जरूरत थी. वह हमारे लिए भरोसेमंद गेंदबाज हैं.
गंभीर ने किसपर कसा तंज
प्रेस वार्ता में जब गंभीर से जब तिलक और शिवम को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि आप हर योगदान के बारे में बात कर रहे हैं, क्योंकि कई सालों से हम सिर्फ कुछ खास योगदानों की ही बात करते आए हैं. गंभीर ने कहा कि मेरे लिए, शिवम की वो दो चौके उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने संजू के 97 रन.
उन्होंने कहा, बड़ा योगदान सुर्खियां बटोरता है. छोटा योगदान, वो योगदान जो टीम को जीत दिलाने में मदद करता है, वो बहुत महत्वपूर्ण होता है. दरअसल, ये बात किसी से छिपी नहीं है कि 2007 के टी20 वर्ल्ड कप फाइनल या 2011 के फाइनल में गंभीर ने टीम के लिए मैच जिताऊ पारी खेली थी. लेकिन इसका सबसे ज्यादा क्रेडिट तत्कालीन कप्तान गौतम गंभीर को मिला. भारत अब सेमीफाइनल में 5 मार्च को मुंबई में इंग्लैंड से भिड़ेगा.
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