महिला आरक्षण को लागू करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. 33 प्रतिशत आरक्षण के लिए संविधान संशोधन और परिसीमन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. नए प्रस्ताव के तहत सीटों का पुनर्निर्धारण वर्तमान जनसंख्या के आधार पर होगा. साथ ही आरक्षण 15 वर्षों तक लागू रहेगा और रोटेशन प्रणाली से महिलाओं को अलग-अलग क्षेत्रों में प्रतिनिधित्व का मौका मिलेगा