अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान युद्ध में नाटो देशों के साथ नहीं देने पर अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि उनके सहयोगी देश कायर हैं और सोशल मीडिया पर यह स्पष्ट किया कि अमेरिका के बिना नाटो कोई ताकत नहीं बल्कि केवल कागजी शेर है. ट्रंप ने अपने बयान में सहयोगी देशों की आलोचना करते हुए यह भी कहा कि युद्ध में असली समर्थन देना आवश्यक है.