18 तेजस Mk1A फाइटर जेट तैयार हैं, लेकिन भारतीय वायुसेना (IAF) की सख्त जांच के बाद ही इन्हें शामिल किया जाएगा. मिसाइल फायरिंग, रडार इंटीग्रेशन और वेपन कंट्रोल सिस्टम की जांच अहम होगी. GE इंजन की सप्लाई में देरी के कारण डिलीवरी भी प्रभावित हुई है.