सऊदी अरब ने मक्का के पास अमेरिका को एक बेस देने का फैसला किया है, जो धार्मिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है. इससे पहले सऊदी अरब ने साफ कहा था कि वह अपने किसी भी एयर बेस का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमले के लिए नहीं होने देगा. अब अचानक यह बदलाव आया है जिससे कई सवाल उठ रहे हैं कि क्या सऊदी अरब इस युद्ध में शामिल होने के बारे में सोच रहा है. यह कदम क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है. सऊदी अरब की यह नीति अब और अधिक जटिल और विवादास्पद हो सकती है.