एआई के विकास में ऐसा होना चाहिए कि इंसान केवल डाटा पॉइंट न बन जाए या केवल रॉ मटीरियल तक ही सीमित न रहे. एआई को लोकतांत्रिक बनाया जाना चाहिए ताकि यह समावेशन और सशक्तिकरण का माध्यम बन सके. खासकर ग्लोबल साउथ के लिए यह जरूरी है कि एआई को खुली पहुंच दी जाए और नियंत्रण भी अपने हाथ में रहे.