हनुमानजी के अनन्य भक्त और चमत्कारी संत नीम करोली बाबा का अस्थि कलश पिछले 53 वर्षों से भोपाल में सुरक्षित रखा गया है. यह कलश उनके बड़े पुत्र अनेग सिंह के परिवार के पास संरक्षित है. जो भोपाल में ही रहते हैं. बाबा ने 11 सितंबर 1973 को वृंदावन में अनंत चतुर्दशी के दिन देह त्याग की उनकी अस्थियों को 11 पवित्र नदियों में विसर्जित किया गया.