2.5 साल का फॉर्मूला तय था, सिद्धारमैया ने वादा किया था. कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों के बीच मुख्यमंत्री पद पर पावर-शेयरिंग के दावों ने एक बार फिर चर्चा तेज कर दी है