जिस रूसी तेल की खरीद को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति भड़क जाते थे, और भारत समेत Russian Oil खरीद करने वाले देशों पर टैरिफ बम फोड़ते हुए नजर आते थे, अब उनका रुख बदला बदला नजर आ रहा है.