जब तेल के दाम बढ़ते हैं तो घरेलू निवेशकों को इसका हिसाब करना पड़ता है. तेल की कीमत में वृद्धि से महंगाई बढ़ती है जो लगभग 30 से 35 बेसिस पॉइंट तक हो सकती है. इससे जीडीपी की वृद्धि दर 20 से 25 बेसिस पॉइंट तक कम होती है, साथ ही करेंट अकाउंट डेफिसिट भी 35 से 40 बेसिस पॉइंट तक चौड़ा हो सकता है.