गरुड़ पुराण में भगवान विष्णु और गरुड़ जी के संवाद के जरिए जीवन, मृत्यु और कर्मों के गहरे रहस्यों का वर्णन मिलता है. इसमें मृत्यु से पहले की स्थिति, आत्मा की यमलोक यात्रा, कर्मों का न्याय और पुनर्जन्म के चक्र जैसी मान्यताओं को विस्तार से बताया गया है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह ग्रंथ मनुष्य को भयभीत करने के लिए नहीं बल्कि धर्म, सत्य और सद्कर्मों का महत्व समझाने के उद्देश्य से लिखा गया है.