इस वक्त ईरान को एक बड़ा नुकसान हुआ है क्योंकि इजरायल ने उस पर हमला किया है. अमेरिका भी इस हमले में सक्रिय था और उसकी युद्धपोत ईरान के करीब तैनात थी. दोनों देशों ने महीनों से तैयारियां की थीं और लगातार एक-दूसरे को चेतावनी देने का सिलसिला चला. ईरान ने भी हिंसा के जवाब में हमले की संभावना जताई थी.