छगन भुजबल का कहना है की महाराष्ट्र के लिए यह गर्व की बात है क्योंकि पहली बार राज्य को एक महिला उपमुख्यमंत्री मिली है. लोग चाहते हैं कि भविष्य में महिला मुख्यमंत्री भी बने. हालांकि, अजित दादा के साथ जो हादसा हुआ वह अभी भी सभी की यादों में ताजा है. हाल के तीन दिनों में सभी नेताओं ने मिलकर एकमत से इस महिला नेता को अपना नेता और लीडर चुना है. यह निर्णय राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत है.