आशा भोसले और लता मंगेशकर का रिश्ता सिर्फ बहनों का नहीं, बल्कि गुरु और शिष्य जैसा भी था. दोनों के बीच तुलना और प्रतिस्पर्धा की चर्चाएं जरूर रहीं, लेकिन असल में यह एक हेल्दी कॉम्पिटिशन था, जिसने दोनों को और बेहतर बनाया. अलग-अलग अंदाज में गाकर उन्होंने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और अपनी अमिट छाप छोड़ी.