मंगल ग्रह 4 मई (सोमवार) को रात करीब 8 बजे अपनी उच्च राशि मकर से निकलकर कुम्भ राशि में प्रवेश करने जा रहा है. यह मंगल के शत्रु शनि के स्वामित्व की राशि है. मंगल 18 जून तक इसी राशि में रहने वाले हैं. मंगल एक अग्नि तत्व प्रधान ग्रह है और कुम्भ एक वायु तत्त्व की राशि है. मंगल के इस राशि परिवर्तन से कई राशियों पर बुरा असर दिखाई दे सकता है. विशेषकर मिथुन, कर्क, तुला, मकर और कुंभ राशि वालों को बुरे परिणाम मिल सकते हैं. आइए जानते हैं मंगल के इस गोचर से सभी राशियों पर कैसा असर होगा.
मेष- आपकी राशि का स्वामी मंगल आपके ग्यारहवें भाव में गोचर करेगा. यह आपकी राशि से आठवें भाव का स्वामी भी है. इस गोचर काल में आपको अनेक अवसरों की प्राप्ति होगी. आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आप धन का निवेश करके अच्छा मुनाफा कमा पाएंगे. प्रॉपर्टी से भी लाभ होने के प्रबल योग बनेंगे.
कार्य क्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा. इस गोचर का
नकारात्मक प्रभाव यह होगा कि आपके प्रेम जीवन में चुनौतियां आएंगी और संभव
है कि एक दूसरे से विचार ना मिलने से आपसी खींचतान बढ़ सकती है.
वृषभ- वृषभ राशि के लोगों के लिए मंगल का गोचर दशम भाव में होगा और यह आपके लिए कार्य क्षेत्र में सफलता के झंडे गाड़ने वाला समय होगा. आपको कार्यक्षेत्र में सिरमौर बनाएगी और आपके अधिकारों तथा कर्तव्यों के साथ-साथ वेतन में भी वृद्धि देखने को मिलेगी. आपका आपके कार्यालय में दबदबा रहेगा और आपके अधिकार बढ़ेंगे, जिससे आपके साथ काम करने वाले कुछ लोग आपके विरुद्ध षड्यंत्र रच सकते हैं.
इस गोचर के प्रभाव से आप अपने काम को ज्यादा अहमियत देंगे लेकिन शरीर को कम
अहमियत देने से स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां आ सकती हैं. समस्याएं आ सकती
हैं और आप थकान का अनुभव करेंगे.
मिथुन- मंगल का गोचर आपकी राशि से नवें भाव में होगा. यह आपके लिए छठे तथा ग्यारहवें भाव का स्वामी है. आपको कार्यक्षेत्र में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. इस गोचर के प्रभाव से आपके पिताजी से आपके संबंधों पर बुरा असर पड़ सकता है और उनका स्वास्थ्य भी बिगड़ सकता है.
इसके अतिरिक्त यह गोचर आपको सामान्यतः आर्थिक लाभ पहुंचाएगा. आमदनी बढ़ाने
की दिशा में आप अधिक प्रयास करेंगे और नए अवसरों की खोज करेंगे. गोचर के
प्रभाव से आपके भाई बहनों को समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.
कर्क- कर्क राशि के अष्टम भाव में मंगल का गोचर होगा. मंगल आपके पंचम भाव अर्थात त्रिकोण तथा दशम भाव अर्थात केंद्र भाव का स्वामी होकर आपके लिए योगकारक ग्रह है. आपको स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां हो सकती हैं. अनियमित रक्तचाप, दुर्घटना, चोट, एक्सीडेंट जैसी समस्याएं आ सकती हैं, इसलिए गाड़ी या वाहन बेहद सावधानी से चलाएं.
कर्क राशि के जातक को इस गोचर काल में गुप्त तरीकों से धन प्राप्ति के रास्ते आप तलाशेंगे और आंशिक तौर पर आपको
उसमें सफलता भी मिल सकती है. इसके अलावा शारीरिक और आर्थिक नुकसान उठाना
पड़ सकता है.
सिंह- सिंह राशि के लोगों के लिए मंगल एक योगकारक ग्रह हैं क्योंकि यह आपके चौथे (केंद्र भाव) और नौवें (त्रिकोण भाव) के स्वामी हैं. मंगल के गोचर काल में दांपत्य जीवन में तनाव और झगड़े की संभावनाएं बढ़ेंगी. हालांकि व्यापार के मामले में आपको उत्तम लाभ की प्राप्ति होगी. आपके कार्यक्षेत्र में भी आप को प्रगति मिलेगी.
यदि आप जॉब भी करते हैं तो आपको उन्नति मिल सकती है. इसके अतिरिक्त आपका
स्वास्थ्य भी मजबूत बनेगा और स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं से मुक्ति मिलेगी.
गोचर के प्रभाव से आप को आंशिक तौर पर धन लाभ होने की भी संभावना बनेगी.
कन्या- आपकी राशि के लिए मंगल तीसरे तथा आठवें भाव का स्वामी होकर अधिक अनुकूल ग्रह नहीं है और यह आपकी राशि से छठे भाव में गोचर करेगा. इसकी वजह से आपके प्रयासों में सफलता मिलेगी लेकिन स्वास्थ्य कमजोर रहेगा. इस समय अवधि में आप रक्त संबंधित किसी भी शारीरिक समस्या से ग्रसित हो सकते हैं.
आपको आर्थिक तौर पर कुछ मुनाफे की प्राप्ति होगी और आप अपने सिर पर चढ़े
किसी भी प्रकार के लोन या कर्ज को चुकाने में पूरा जोर लगाएंगे. इस समय काल
में आप अपने शत्रुओं पर भारी पड़ेंगे. आप यदि नौकरी करते हैं तो यह मंगल
का गोचर आपको अच्छे परिणाम प्रदान करेगा और आपकी नौकरी में स्थिति मजबूत
होगी.
तुला- मंगल का गोचर तुला राशि के पांचवें भाव में आकार लेगा. मंगल आपकी राशि के लिए दूसरे और सातवें भाव का स्वामी होने के कारण मारक भी है. पंचम भाव में मंगल का गोचर अनुकूल नहीं होता है. इसका असर आपकी नौकरी या व्यापर पर भी पड़ सकता है. आपकी संतान को शारीरिक कष्ट हो सकते हैं.
विद्यार्थियों के मामले में यह गोचर ज्यादा अनुकूल नहीं रहेगा क्योंकि यहाँ
स्थित मंगल आपकी एकाग्रता को भंग करेगा. यदि आप किसी से प्रेम करते हैं तो
प्रेम जीवन के लिहाज से भी यह गोचर अधिक अनुकूल नहीं है. मंगल का गोचर
शारीरिक रूप से भी आपको परेशान कर सकता है.
वृश्चिक- वृश्चिक राशि के लोगों का राशि स्वामी मंगल होता है, इसलिए इसका गोचर आपके लिए काफी महत्वपूर्ण रहेगा. आपको पारिवारिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है. माताजी का स्वास्थ्य कमजोर रहेगा और वे बीमार हो सकती हैं.
इस गोचर के प्रभाव से किसी विवाद के कारण आपको सुख मिल सकता है. विशेषकर
प्रॉपर्टी विवाद में सफलता मिल सकती है. इसके अतिरिक्त आप कोई नई चल व अचल
संपत्ति खरीदने की दिशा में सफल हो सकते हैं.
धनु- धनु राशि के लोगों के लिए मंगल पंचम भाव तथा द्वादश भाव का स्वामी है. यह आपकी राशि के स्वामी बृहस्पति का परम मित्र है और गोचर के समय में आप के तीसरे भाव में प्रवेश करेगा. आपके प्रयासों को सफलता मिलेगी. शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन परिणाम प्राप्त होने से आप काफी खुश रहेंगे.
इस समय में आपके प्रेम जीवन में भी बहार आएगी. मानसिक तनाव दूर होगा.
आर्थिक तौर पर लाभदायक साबित होंगी. कार्यक्षेत्र के लिए भी यह गोचर अनुकूल
परिणाम देने वाला साबित होगा.
मकर- मकर राशि के लोगों के लिए मंगल सुख भाव अर्थात चतुर्थ और आय भाव अर्थात एकादश भाव का स्वामी है. मंगल का गोचर आपकी राशि से दूसरे भाव में होगा जिससे आपकी आर्थिक उन्नति के दरवाजे खुलेंगे और कम प्रयासों से ही आर्थिक सफलता प्राप्त होगी. आपका सामाजिक स्तर भी ऊंचा उठेगा. इस गोचर का कमजोर पक्ष यह है कि परिवार में तनाव देखने को मिल सकता है और आपकी वाणी में भी कुछ कड़वापन आ सकता है.
प्रॉपर्टी के मामले में यह गोचर अनुकूल रहेगा और आपको उससे लाभ होगा.
शिक्षा के क्षेत्र में यह गोचर अधिक अनुकूल नहीं है. आपकी पढ़ाई में विघ्न
पड़ सकते हैं. स्वास्थ्य के मामले में भी अधिक अनुकूलता नहीं रहेगी और आपकी
रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से आप शीघ्र ही बीमारी की चपेट में आ
सकते हैं.
कुंभ- मंगल का गोचर आपकी राशि से प्रथम भाव में होगा अर्थात आपकी ही राशि में मंगल का गोचर होने से आपको इस गोचर के विशेष प्रभाव मिलेंगे. वाहन चलाने में भी आपको सावधानी बरतें. परिवार के बुजुर्गों का स्वास्थ्य पीड़ित हो सकता है, विशेषकर आपकी माताजी बीमार हो सकती हैं.
इस गोचर का प्रभाव आपके दांपत्य जीवन पर भी पड़ेगा क्योंकि कड़वे वचन और
गुस्से के कारण आप दोनों में अहम का टकराव हो सकता है. इस गोचर के प्रभाव
से आपका स्वास्थ्य भी खराब हो सकता है और आप बीमार पड़ सकते हैं. हालांकि
आपके कार्यक्षेत्र में भी इस गोचर का अच्छा लाभ आपको प्राप्त होगा.
मीन- मीन राशि के लोगों के लिए मंगल दूसरे और नौवें भाव का स्वामी होता है और मंगल का गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव में होगा. यह गोचर आपके भाई बहनों के लिए भी अधिक अनुकूल नहीं रहेगा. इस गोचर के प्रभाव से आमदनी में सामान्य रूप से इजाफा होगा लेकिन खर्चे थोड़े बढ़ सकते हैं. अपने विरोधियों के प्रति आपको परेशान होने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि वह आपका बाल भी बांका नहीं कर पाएंगे.
आप इस समय काल में निवेश करने का विचार कर सकते हैं. आपको अपने स्वास्थ्य
के प्रति थोड़ा चिंतित होना चाहिए क्योंकि नेत्र संबंधित पीड़ा या अनिद्रा
जैसी समस्याएं आपको इस गोचर काल में परेशान कर सकती हैं.