अक्सर लोगों की शिकायत रहती है कि उनका बच्चा पढ़ाई पर ध्यान नहीं देता है. सिर्फ मोबाइल या टीवी देखने में लगा रहता है. मोबाइल देखना शुरू किया तो घंटों निकल जाते हैं. आज के दौर में लगभग हर घर में बच्चों की यही समस्या है. यहां तक कि छोटे बच्चे मोबाइल या टीवी न देखें तो गले से रोटी का निवाला नहीं उतरता. यदि आप अपने बच्चे की इस लत से छुटकारा पाना चाहते हैं तो आपकी मदद साउथ-साउथ-वेस्ट (दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम) दिशा कर सकती है. आइए वास्तु के इस फॉर्मूले के बारे में आपको विस्तार से बताते हैं.
वास्तु कैसे छुड़ाएगा मोबाइल की लत?
वास्तु के अनुसार, बच्चा जिस फोन का इस्तेमाल कर रहा है, उसे हमेशा साउथ-साउथ-वेस्ट दिशा में रखें. धीरे-धीरे बच्चे का मन खुद-ब-खुद मोबाइल से हटने लगेगा. वास्तु के अनुसार, साउथ-साउथ-वेस्ट दिशा में रखी गई चीज धीरे-धीरे आपके जीवन से बाहर होने लगती है. इसी तरह यदि आपके परिवार में कोई शराब या अन्य किसी लत का शिकार है और आप उससे निजात पाना चाहते हैं तो साउथ-साउथ-वेस्ट दिशा आपकी मदद कर सकती है. इस दिशा में आप जो भी सामान रखेंगे, वो धीरे-धीरे आपके जीवन से बाहर होता चला जाएगा. इस दिशा में टॉयलेट का होना भी बहुत अच्छा माना गया है.
हालांकि इस दिशा में वास्तु दोष होने से आपके बेवजह के खर्चे भी बढ़ सकते हैं. विशेषकर ऐसी चीजों पर जो इस दिशा में रखी हुई हैं. इस दिशा में हरे, नीले और काले रंग का प्रयोग करने से बचें. इस दिशा का डाउन होना वास्तु दोष को दर्शाता है. इसलिए जीवन में सही-गलत का चयन करने के लिए सबसे पहले इस दिशा का वास्तु रहित होना बहुत आवश्यक है.
इस दिशा में गलती से भी न रखे ये सामान
साउथ-साउथ-वेस्ट डिस्पोजल की दिशा है. यहां ऐसा कोई कीमती सामान नहीं रखना चाहिए, जिसे आप अपने जीवन में संभालकर रखना चाहते हैं. जैसे बच्चों की किताबें, परिवार का फोटो, लॉकर आदि. परिवार का फोटो लगाया तो आपस में झगड़े बढ़ सकते हैं. स्कूल बैग या किताबें रखने से बच्चे का मन पढ़ाई में नहीं लगेगा. आपको अपने जीवन में क्या चाहिए और क्या नहीं, ये सब साउथ-साउथ-वेस्ट दिशा को ध्यान में रखकर तय करेंगे तो अच्छा रहेगा.
अंशु पारीक