Phulera Dooj 2026: आ गया फुलेरा दूज, जानें क्यों इसे कहा जाता है साल का सबसे अच्छा मुहूर्त

Phulera Dooj 2026: फाल्गुन शुक्ल द्वितीया तिथि 18 फरवरी को शाम 4 बजकर 57 मिनट से लेकर 19 फरवरी को दोपहर 3 बजकर 58 मिनट तक रहने वाली है. ऐसे में फुलेरा दूज 19 फरवरी दिन गुरुवार को मनाया जाएगा.

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ज्योतिषविदों का कहना है कि फुलेरा दूज के दिन बिना पंचांग देखे भी शुभ कार्य संपन्न किए जा सकते हैं. ज्योतिषविदों का कहना है कि फुलेरा दूज के दिन बिना पंचांग देखे भी शुभ कार्य संपन्न किए जा सकते हैं.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:37 PM IST

Phulera Dooj 2026: फाल्गुन शुक्ल द्वितीया तिथि को फुलेरा दूज का त्योहार मनाया जाता है. इसे प्रेम और वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ाने के लिए बहुत ही उत्तम पर्व माना गया है. इसे साल के सबसे अच्छे मुहूर्त में भी गिना जाता है. ज्योतिषविदों का कहना है कि इस दिन बिना पंचांग देखे भी शुभ कार्य संपन्न किए जा सकते हैं. इस दिन विशेष रूप से राधा-कृष्ण की पूजा का विधान बताया गया है. अगर आपके प्रेम और दांपत्य जीवन में किसी तरह की समस्या आ रही है तो इस दिन पूजा-पाठ से उसे दूर किया जा सकता है.

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कब है फुलेरा दूज?
हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन शुक्ल द्वितीया तिथि 18 फरवरी को शाम 4 बजकर 57 मिनट से लेकर 19 फरवरी को दोपहर 3 बजकर 58 मिनट तक रहने वाली है. ऐसे में फुलेरा दूज 19 फरवरी दिन गुरुवार को मनाया जाएगा. फुलेरा दूज का दिन शादी, सगाई और अन्य किसी भी मांगलिक कार्यों के लिए अति उत्तम माना जाता है. कहते हैं कि इस दिन शुभ व मांगलिक कार्यों की शुरुआत से जीवनभर अच्छा प्रतिफल मिलता है.

फुलेरा दूज की पूजन विधि
फुलेरा दूज पर शाम के समय स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और श्रृंगार करें. इसके बाद राधा-कृष्ण की प्रतिमा को सुगंधित पुष्पों से सजाएं. अबीर-गुलाल अर्पित करें. प्रसाद में सफेद मिठाई, पंचामृत और मिश्री चढ़ाएं. 'मधुराष्टक' या 'राधा कृपा कटाक्ष' का पाठ करें. यदि यह संभव न हो तो 'राधे-कृष्ण' नाम का जप करें. इसके बाद श्रृंगार सामग्री का दान कर प्रसाद ग्रहण करें.

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बरतें ये सावधानियां
फुलेरा दूज के दिन घर में सात्विक भोजन ही ग्रहण करें.  मांस, मदिरा या तामसिक चीजों से बिल्कुल दूर रहें. किसी के प्रति मन में घृणा या द्वेष बिल्कुल न रखें. इस दिन घर के द्वार पर आए किसी भी व्यक्ति का अपमान न करें. बुजुर्गों या बच्चों से दुर्व्यवहार बिल्कुल न करें. इस दिन काले रंग के प्रयोग से बचें.

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