Shardiya Navratri 2025: नवरात्र में रात के समय करें ये एक काम, घर की गरीबी दूर कर देंगी मां लक्ष्मी

Shardiya Navratri 2025 Upay: 22 सितंबर से शारदीय नवरात्र का पर्व शुरू हो चुका है. इसका समापन 2 अक्टूबर को दुर्गा विसर्जन के साथ होगा. वैसे तो नवरात्र का हर दिन पूजा पाठ करने के लिए शुभ माना जाता है. लेकिन रात में भी कुछ ऐसे उपाय हैं जिनको करना फायदेमंद होता है.

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शारदीय नवरात्र के सिद्ध उपाय ( AI Generated) शारदीय नवरात्र के सिद्ध उपाय ( AI Generated)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 सितंबर 2025,
  • अपडेटेड 8:48 PM IST

Shardiya Navratri 2025 Upay: सालभर में कुल चार बार नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है, लेकिन इनमें से आश्विन माह की शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है. द्रिक पंचांग के अनुसार, हर वर्ष आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शारदीय नवरात्रि का आरंभ होता है. और दशमी तिथि पर माता दुर्गा का विसर्जन कर इस पर्व का समापन किया जाता है. इस साल 22 सितंबर को नवरात्र शुरू होंगे और 1 अक्टूबर को महानवमी का कन्या पूजन होगा. इसके बाद 2 अक्टूबर को दुर्गा पूजा के बाद देवी की प्रतिमा को विसर्जित कर दिया जाएगा.

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ऐसी मान्यता हैं कि शारदीय नवरात्रि में की गई पूजा का लाभ पूरे वर्ष प्राप्त होता है. इसलिए पूजा-पाठ के अलावा नवरात्रि के दौरान कुछ विशेष उपाय करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है. तो चलिए जानते हैं शास्त्रों में वर्णित तीन ऐसे विशेष उपाय के बारे में  जिन्हें नवरात्रि के दौरान रात के समय करने से गृह क्लेश, धन की कमी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं जैसी बाधाओं से मुक्ति पाई जा सकती है. 

धन की कमी होगी दूर

शारदीय नवरात्र के दौरान मां लक्ष्मी को आसानी से प्रसन्न किया जा सकता है. देवी को प्रसन्न करने के लिए नवरात्रि में अष्टलक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करें. इस स्तोत्र के नियमित पाठ से घर में कभी धनधान्य की कमी नहीं होगी और गरीबी कोसों दूर रहेगी. 

गृह क्लेश से निजात

यदि आपके घर में अक्सर छोटे-मोटे झगड़े होते रहते हैं या घर के वातावरण में तनाव और अशांति बनी रहती है, तो शारदीय नवरात्रि के दौरान एक विशेष उपाय अपनाया जा सकता है. रात के समय मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करने के बाद पूरे घर में कपूर और लौंग का धुआं करना अत्यंत लाभकारी माना गया है.

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इस उपाय से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मक प्रभावों से वातावरण शुद्ध रहता है. घर के सभी सदस्यों के स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन पर भी सकारात्मक असर पड़ता है. ध्यान रखें कि यह उपाय पूरे नवरात्र के दौरान नियमित रूप से किया जा सकता है. प्रतिदिन रात के समय पूजा के बाद इस विधि को अपनाने से घर में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति बनी रहती है, और देवी मां की कृपा सदैव आपके घर पर बनी रहती है. 

स्वास्थ्य का वरदान

अगर आपके घर के किसी सदस्य की तबीयत बहुत ज्यादा खराब रहती है या घर में हर समय कोई न कोई व्यक्ति बीमार रहता है तो नवरात्र के दौरान सुबह-शाम मां दुर्गा की पूजा करें. घर के मंदिर में सुबह-शाम सरसों के तेल का दीपक जलाएं. इससे आपके घर में सकारात्मकता का वास होगा और घरवालों की सेहत में कुछ सकारात्मक बदलाव आने लगेगा.

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