सिर्फ मुहूर्त देख घर की नींव रखना गलत! 99% लोग नहीं करते ये जरूरी काम

नए घर के निर्माण के लिए नींव रखने से पहले लोग सिर्फ शुभ मुहूर्त ही निकलवाते हैं. जबकि इसमें सूर्य की स्थिति को देखना भी जरूरी होता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अलग-अलग राशियों के हिसाब से सूर्य की स्थिति को देखते हुए ही नींव रखने का महीना चुनना चाहिए.

Advertisement
घर की नींव रखने के लिए शुभ मुहूर्त के अलावा सूर्य की स्थिति को समझना भी जरूरी है. (Photo: ITG) घर की नींव रखने के लिए शुभ मुहूर्त के अलावा सूर्य की स्थिति को समझना भी जरूरी है. (Photo: ITG)

अंशु पारीक

  • नई दिल्ली,
  • 11 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:39 PM IST

आपने देखा होगा कि हिंदू धर्म में लोग घर बनवाते समय पहले मुहूर्त निकलवाते हैं. सही दिशा का चयन करते हैं. फिर निर्माण कार्य शुरू करवाते हैं. लेकिन घर की नींव रखने के लिए सिर्फ मुहूर्त देख लेना काफी नहीं होता है. आपको शायद न पता हो लेकिन घर की नींव रखते समय सूर्य की स्थिति को समझना भी जरूरी है. कुण्डली के अनुसार, सूर्य का गोचर देखकर ही यह तय करना चाहिए कि मकान बनवाने के लिए आपको कब नींव रखनी चाहिए. नींव रखने के लिए सूर्य गोचर को देखकर ही शुभ माह का चयन करना चाहिए.

Advertisement

क्या है सूर्य का गोचर?
सभी नवग्रह समय-समय पर राशि परिवर्तन करते हैं. चंद्रमा दो से ढाई दिन में तो शनि जैसे मंद गति वाले ग्रह ढाई वर्ष में एक राशि से दूसरी राशि में परिवर्तन करते हैं. सूर्य प्रत्येक माह राशि परिवर्तन करता है. सूर्य के राशि परिवर्तन को संक्रांति कहा जाता है. जिस माह जिस राशि में सूर्य का परिवर्तन वही संक्रांति होती है. जैसे मकर राशि में सूर्य का परिवर्तन मकर संक्रांति, कुंभ राशि में सूर्य का परिवर्तन तो कुंभ संक्रांति और मीन राशि में सूर्य का परिवर्तन तो मीन संक्रांति कही जाती है. इसी तरह सूर्य के राशि परिवर्तन के अनुसार एक वर्ष में 12 संक्रांति होती हैं. 

कब नहीं रखनी चाहिए घर की नींव?
प्रत्येक व्यक्ति की कुंडली में 12 भाव होते हैं. इन 12 भावों में हर लग्न की कुंडली में अलग-अलग राशि होती हैं. किसी भी लग्न की जो राशि 6-8-12 भाव में आए, उस माह में उन राशियों में सूर्य के गोचर होने पर नए घर की नींव रखना अशुभ हो सकता है. वहीं, केंद्र व त्रिकोण में आने वाली राशियों के भावों में सूर्य के गोचर के समय नींव रखवाना शुभ होता है. उदाहरण के लिए मान लीजिए किसी का मेष लग्न है तो उसके लिए 6-8-12 भाव में कन्या, वृश्चिक और मीन राशि आएगी.

Advertisement

सूर्य जिस माह में इन राशियों में गोचर करें, तब मेष राशि के लोगों को नए घर की नींव नहीं रखवानी चाहिए. इसी तरह मान लीजिए किसी की कर्क लग्न है तो उसके लिए 6-8-12 भाव में धनु, कुंभ और मिथुन राशि आएगी. इसलिए कर्क राशि वालों जब सूर्य धनु, कुंभ और मिथुन राशि में आए तो नए घर की नींव नहीं रखवानी चाहिए. सिंह लग्न वालों के लिए 6-8-12 भाव में मकर, मीन और कर्क राशि आएगी. इसलिए सिंह लग्न वालों को इन तीन राशियों में सूर्य का गोचर होने पर नए घर की नींव नहीं रखवानी चाहिए.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement