America vs Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर खत्म होने से ठीक पहले ट्रंप ने घोषणा की कि वो ईरान पर तब तक हमले नहीं करेंगे जब तक कि ईरान की तरफ से युद्ध खत्म करने के लिए साझा प्रस्ताव नहीं आता. ट्रंप ने हालांकि, ये नहीं बताया कि सीजफायर कब तक चलेगा. भले ही सीजफायर आगे बढ़ गया हो लेकिन दोनों देशों के बीच का तनाव कम होता नहीं दिख रहा. दोनों देशों के बीच स्थायी शांति को लेकर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है और भविष्य में फिर से हमले हो सकते हैं. ज्योतिषाचार्य अजय भांबी ने ज्यातिष गणना के आधार पर इस सवाल का हल ढूंढने का प्रयास किया है. आइए जानते हैं कि दोनों पक्षों के बीच स्थायी शांति के बारे में उनका क्या कहना है.
ज्योतिषाचार्य अजय भांबी के अनुसार, जब ये युद्ध शुरू हुआ तब अमेरिका की कुंडली में कन्या लग्न चल रहा था और सप्तम भाव में बुध, मंगल और शनि थे. अष्टम भाव में सूर्य और गुरु दसवें भाव में थे. ग्रहों की ये स्थिति बताती है कि अमेरिका के गले में फांस अटकी है. अमेरिका इस युद्ध से निकलना चाह रहा है, लेकिन उसके पास बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा है. उन्होंने बताया कि कन्या लग्न से अमेरिका की स्थिति मालूम पड़ती है. उसके सामने मीन राशि के स्वामी गुरु की स्थिति अच्छी दिख रही है.
इसका मतलब ये हुआ कि जंग में बहुत कुछ गंवाने के बाद भी ईरान काफी मजबूत है. इस वक्त ईरान मिटने को तैयार है, लेकिन झुकने को तैयार नहीं है. वहीं, अमेरिका समझौता करने पर जोर दे रहा है. हालांकि इस युद्ध के पूरी तरह बंद होने में अभी कम से कम डेढ़ महीना और लग सकता है. युद्ध रोकने की शुरुआत खुद अमेरिका कर सकता है.
ग्रहण काल में पैदा हुए थे ट्रंप
अजय भांबी ने कहा कि मेरे पास डोनाल्ड ट्रंप की कुंडली है. इनका जन्म 14 जून 1946 को सुबह 10 बजकर 54 मिनट पर न्यूयॉर्क में हुआ था. इनकी सिंह लग्न की कुंडली. मंगल इनका बहुत बलवान है. इसलिए ये दोबारा अमेरिका के राष्ट्रपति भी बने. एक और खास बात ये है कि इनकी कुंडली में ग्रहण योग है. ये ग्रहण के दिन पैदा हुए थे. जब आदमी ग्रहण के दिन पैदा होता है तो उसकी बुद्धि विचलित होती है. ऐसे व्यक्ति के निर्णयों से लोग प्रभावित होते हैं. ट्रंप एक ताकतवर देश के राष्ट्रपति हैं. इसलिए उनके फैसलों से पूरी दुनिया प्रभावित हो रही है.
क्या अमेरिका में शुरू होगा ट्रंप का विरोध?
अजय भांबी ने कहा कि ट्रंप को लेकर अमेरिका में बड़ा भारी विरोध होगा. ट्रंप खुद इसके लिए पछताएंगे. भविष्य में उन्हें इसके लिए माफी भी मांगनी पड़ेगी. उन्हें मनमाने ढंग से देशों पर टैरिफ लगाने के बयानों और दूसरे देशों के प्रति आक्रामक रवैया अपनाने के कारण पछताना पड़ेगा.
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