जोधपुर की कथावाचक और साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में पांच दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस खुलासा नहीं हो सका है. सोमवार को बाड़मेर जिले के परेऊ गांव स्थित शिव शक्ति धाम में साध्वी प्रेम बाईसा की समाधि का पूजन किया गया. इस दौरान राजस्थान के अलग अलग इलाकों से पहुंचे साधु संतों और उनके अनुयायियों ने पगड़ी रस्म अदा की और समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी.
समाधि पूजन के दौरान संत महात्माओं ने ईश्वर से साध्वी प्रेम बाईसा की आत्मा की शांति की प्रार्थना की और पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की. संतों ने कहा कि साध्वी सिर्फ एक परिवार की बेटी नहीं बल्कि सनातन धर्म की बेटी थी. उन्होंने अपने प्रवचनों के जरिए प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के कई हिस्सों में सनातन धर्म का प्रचार किया. संतों ने भरोसा जताया कि शासन और प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष जांच करेगा.
समाधि पूजन के बीच पिता का दर्द
चौहटन के डूंगरपुरी मठ के मठाधीश ने बताया कि साध्वी की मौत के बाद उनके पिता वीरम नाथ ने अन्न और जल का त्याग कर दिया था. तीन दिन तक उन्होंने पानी तक नहीं पिया. सोमवार को संतों के निवेदन पर पहले उन्हें दूध पिलाया गया और फिर भोजन कराया गया. नाथ संप्रदाय के जगदीश पुरी महाराज ने बताया कि संप्रदाय की परंपरा के अनुसार समाधि पूजन और पगड़ी रस्म अदा की गई. साधु संतों और भक्तों ने एक स्वर में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की.
इस दौरान आज तक से बातचीत करते हुए साध्वी प्रेम बाईसा के पिता वीरम नाथ भावुक हो गए और फूट फूटकर रो पड़े. उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ा षड्यंत्र है और उन्हें इस बात का दुख है कि वे अभी तक अपनी बेटी को न्याय नहीं दिला पाए. साथ ही उन्होंने कहा कि प्रेम बाईसा काफी परेशान थी और उस पूरे षड्यंत्र का खुलासा होना चाहिए.
भावुक गले मिलने को गलत रंग दिया गया
मोबाइल पासवर्ड को लेकर चल रही चर्चाओं पर वीरम नाथ ने कहा कि मीडिया में जो बातें चल रही हैं वह गलत हैं. उन्होंने अपने मोबाइल और प्रेम बाईसा के एक मोबाइल का पासवर्ड पुलिस को दे दिया है. प्रेम बाईसा का एक और मोबाइल था जिसका पासवर्ड उन्हें पता नहीं है.
सोशल मीडिया पर पिता पुत्री के रिश्ते को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने नाराजगी जताई और कहा कि कुछ लोग समाज के लिए गलत उदाहरण पेश कर रहे हैं. तथाकथित वीडियो को लेकर उन्होंने कहा कि वह एक भावुक क्षण था जब पिता और बेटी गले मिले थे. उसमें कुछ भी गलत नहीं था लेकिन उसी बात को गलत तरीके से प्रचारित किया गया जिससे प्रेम बाईसा को गहरा मानसिक तनाव हुआ.
बेटी के सम्मान की लड़ाई लड़ रहे पिता प्रेम बाईसा
वीरम नाथ ने कहा कि पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है और वह जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं. इंजेक्शन समेत कई पहलुओं की जांच चल रही है. उन्होंने कहा कि अस्पताल में रहते समय प्रेम बाईसा के शरीर के कुछ हिस्से नीले पड़ गए थे जो कई सवाल खड़े करते हैं. उन्होंने एक बार फिर मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और सच्चाई सामने आए.
दिनेश बोहरा / अशोक शर्मा