राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. फलोदी की ग्राम पंचायत कानासर में कार्यरत कनिष्ठ सहायक शुभकरण छींपा के पांच ठिकानों पर छापा मारा गया. इस दौरान जांच में 15 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्तियों का खुलासा हुआ है, जबकि 15 साल की सरकारी सेवा में उसकी कुल वैध आय महज 17 लाख रुपये आंकी गई है.
एसीबी बीकानेर को शुभकरण के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिली थी. मामले की शुरुआती जांच एसीबी डीआईजी भुवन भूषण यादव के निर्देशन में स्पेशल यूनिट के एएसपी आशीष कुमार ने की. जांच में आय से अधिक संपत्ति के संकेत मिलने पर जयपुर मुख्यालय में केस दर्ज किया गया. इसके बाद जांच एसीबी बीकानेर चौकी के एएसपी विनोद कुमार को सौंपी गई.
एसीबी टीम ने पूनरासर स्थित निवास, जयपुर रोड पर वैष्णोधाम के सामने मातेश्वरी एन्क्लेव, गंगाशहर रोड स्थित बागीनाड़ा छींपों का मोहल्ला, व्यास कॉलोनी सेक्टर-4 और पंचायत समिति क्षेत्र के कानासर ग्राम पंचायत के उदट गांव सहित पांच स्थानों पर एक साथ तलाशी ली. सर्च के दौरान अब तक करीब दो किलो सोना, तीन किलो चांदी, 75 लाख रुपये कैश, पांच आलीशान मकान, 17 हेक्टेयर कृषि भूमि, कई प्लॉट्स और अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं.
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एसीबी अधिकारियों के अनुसार, जब्त चल-अचल संपत्तियों का अनुमानित मूल्य 15 करोड़ रुपये से अधिक है. आरोप है कि शुभकरण ने अपनी वैध आय की तुलना में 938 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की.
जांच में सामने आया कि शुभकरण मार्च 2010 में श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति की ग्राम पंचायत पूनरासर में रोजगार सहायक के रूप में नियुक्त हुआ था. साल 2022 में पदोन्नत होकर वह कनिष्ठ सहायक बना और इसके बाद फलोदी जिले की कानासर ग्राम पंचायत में पदस्थापित हुआ. हाल ही में उसका स्थानांतरण उदट में हुआ था.
एसीबी द्वारा दर्ज केस में शुभकरण की पत्नी सरिता को भी आरोपी बनाया गया है. आरोप है कि कई संपत्तियां पत्नी के नाम से खरीदी गईं. फैमिली बैकग्राउंड की जांच में पता चला कि उसके पिता गांव में अलग रहते हैं, जबकि तीन भाई कपड़े बेचने और मजदूरी का कार्य करते हैं. शुभकरण के तीन बेटे हैं, जो दसवीं, बारहवीं और बीए में पढ़ते हैं.
एसीबी की रिपोर्ट के अनुसार, 2010 से वर्तमान तक सरकारी सेवा में रहते हुए शुभकरण की कुल वेतन-भत्तों से आय 17 लाख रुपये रही. चेक अवधि में अर्जित कुल परिसंपत्तियां 1 करोड़ 59 लाख 2 हजार 518 रुपये दर्ज की गईं, जबकि पूर्व अवधि की संपत्तियां मात्र 23 हजार 566 रुपये थीं. इसी अवधि में 14 लाख 16 हजार 666 रुपये व्यय भी दर्शाया गया है.
एसीबी का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जब्त दस्तावेजों व बैंक खातों की पड़ताल की जा रही है. आवश्यकता पड़ने पर अन्य संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ की जाएगी.
अशोक शर्मा