राजस्थान के जोधपुर के भीतरी शहर में शुक्रवार रात को निकले जा रहे गणगौर की भोलावनी की शोभायात्रा और इसमें घुड़ला लेकर चल रही महिलाओं पर पथराव करने की घटना ने जोधपुर में तनाव की स्थिति बना दी है. इस घटना को लेकर दोनों पक्षों में जमकर तनातनी हुई. ऑटो, मोटर साइकिल सहित अन्य वाहनों के साथ तोड़ फोड़ की गई. हालात बिगड़ते बिगड़ते पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया.
लोगों की वहां से हटा कर शांति का प्रयास किया गया. लेकिन जिस मकराना मोहल्ला के किल्ली खाने की जिस गली के पास घटना हुई वहां भीड़ जमा हो गई. जोरदार नारेबाजी हुई. पुलिसकर्मियों ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया. लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़े रहे. पुलिस ने तीन चार संदिग्धों को हिरासत में लिया.
इस दौरान डीसीपी मनीष चौधरी मौके पर पहुंचे. उन्होंने भीड़ को बताया कि हमने सभी पत्थरबाजों को चिन्हित कर लिया है और कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है और कुछ के परिजनों को भी हम पूछताछ के लिए लेकर आए हैं. हमारी पूरी टीम में इस काम में लगी हुई है.
कैसे भड़की हिंसा?
स्थानीय निवासी हितेश व्यास ने बताया कि हमेशा की तरह मेले की शोभायात्रा निकल रही थी. कुछ लोगों ने गली के बाहर ट्रैक्टर को रोकने का प्रयास किया. ट्रैक्टर नहीं रुका तो पत्थर मारे. इस दौरान महिलाएं जो घुड़ले लेकर चल रही थीं, उन पर भी पत्थर मारे.
इस पत्थरबाजी में एक युवक के गंभीर चोट आई है जबकि एक अन्य घायल हुआ है. इधर मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर शरत कविराज भी देर रात को जालोरी गेट पहुंच गए. बाद में वे घटना स्थल पर भी गए. लोगों से बातचीत कर जानकारी प्राप्त की. भीतरी शहर में अतिरिक्त जाब्ता पहुंचाया गया है.
पहले भी हुआ है विवाद, कर्फ्यू भी भुगता शहर ने
2022 में ईद से पहले 2 मई की रात को जालोरी गेट चोराहा पर एक पक्ष ने अपना झंडा वहां लगी शहीद की मूर्ति पर बांधने का प्रयास किया था. इससे दूसरा पक्ष भड़क गया. रात को दोनों पक्ष आमने सामने हो गए. अगले दिन सुबह ईद की नमाज के बाद ईदगाह से निकली भीड़ में किसी युवकों ने बवाल शुरू कर दिया. पूरे क्षेत्र में तोड़ फोड़ की गई. भीड़ भीतरी शहर में घुसी और दुकानदारों को नुकसान पहुंचाया.
एक युवक के पीठ में छुरा भोंक दिया. हालत तनावपूर्ण हो गए. जिसके चलते दस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाना पड़ा था. इसके बाद 2024 में बारावफात के मौके पर भी स्थिति बनी लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए हालात संभाल लिए थे.
अशोक शर्मा