राजस्थान के भीनमाल शहर में अवैध पंचायत का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां कुछ स्वयंभू पंचों ने एक परिवार के सामाजिक बहिष्कार का फरमान जारी कर दिया. मामला जालोर जिले के भादरड़ा रोड क्षेत्र का है, जहां वरदाराम माली ने थाना भीनमाल में शिकायत दर्ज कराई है.
पीड़ित का आरोप है कि समाज के कुछ लोगों- समरथाराम, दीपाराम, बाबूलाल, जगदीश, सोमताराम, सरदाराराम और मांगीलाल ने मिलकर एक कथित पंचायत बुलाई और उनके परिवार के खिलाफ सख्त आदेश जारी कर दिया. इस आदेश में कहा गया कि जो भी व्यक्ति वरदाराम के घर होने वाली शादी में शामिल होगा, उसे समाज से बाहर कर दिया जाएगा और उस पर भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा.
बताया जा रहा है कि पूरा विवाद वरदाराम के भतीजे विक्रम कुमार के लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर शुरू हुआ. इसको आधार बनाकर पंचायत ने विक्रम पर 31 लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया, जबकि उसके बहनोई पंचाराम पर भी 4 लाख रुपये का दंड लगाया गया. इतना ही नहीं, दोनों को समाज से बहिष्कृत कर उनका हुक्का-पानी तक बंद करने का फरमान सुना दिया गया.
पीड़ित परिवार का कहना है कि इस मामले में पहले से ही पुलिस में केस दर्ज है, लेकिन गवाही देने से नाराज ये लोग अब पूरे परिवार पर दबाव बना रहे हैं. आरोप है कि मुकदमा वापस लेने के लिए धमकियां दी जा रही हैं और सामाजिक रूप से अलग-थलग करने की कोशिश की जा रही है.
हालात इतने बिगड़ गए कि दूल्हा-दुल्हन समेत कई परिजन रात में ही थाने पहुंचे और सुरक्षा की गुहार लगाई. उनका कहना है कि पंचायत के इस तुगलकी फरमान के कारण समाज के लोग शादी में शामिल होने से डर रहे हैं, जिससे पूरे परिवार में भय का माहौल है. हमने ढेर सारे इंतजाम किए हैं लेकिन शादी में डर की वजह से कोई भी मेहमान नहीं पहुंचने वाला.
फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
नरेश सरनाऊ (बिश्नोई)