राजस्थान के धौलपुर और मध्य प्रदेश के मुरैना से होकर बह रही चंबल नदी में खुलेआम चल रहे बजरी खनन पर आज तक की ग्राउंड रिपोर्ट के बाद आखिरकार धौलपुर पुलिस हरकत में आई. 14 जनवरी को बेकाबू बजरी माफियाओं की पोल खुलते ही पुलिस ने चंबल के तटवर्ती इलाकों में युद्ध स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी.
धौलपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र में चंबल किनारे बसे भमरौली, घेर और सहानपुर गांवों में पुलिस ने एक साथ दबिश दी. कई थानों और डीएसटी की संयुक्त टीमों ने घेराबंदी कर बजरी से भरी एक दर्जन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को मौके पर ही पकड़ लिया. कार्रवाई की भनक लगते ही बजरी माफिया जंगलों और दुर्गम रास्तों में कूदकर फरार हो गए. पुलिस अब उनकी पहचान कर ठिकानों पर दबिश दे रही है.
धौलपुर एसपी विकास सांगवान ने साफ कहा कि जिले में अवैध खनन और बजरी परिवहन के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है. निहालगंज और कोतवाली थाना पुलिस समेत डीएसटी टीमों ने चंबल तटवर्ती गांवों में कड़ा एक्शन लिया है. उन्होंने बताया कि फरार आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
एसपी सांगवान ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के निर्देश पर अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा. इसे प्रभावी बनाने के लिए जिले भर में नाकाबंदी की जा रही है.
आंकड़े खुद गवाही दे रहे हैं कि कार्रवाई तेज हुई है. वर्ष 2025 में पुलिस ने 2024 की तुलना में करीब 32 प्रतिशत अधिक कार्रवाई की है. अवैध खनन और परिवहन में इस्तेमाल वाहनों की जब्ती में भी करीब 24 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. इस दौरान 414 प्रकरण दर्ज कर 514 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
इसी बीच वन रक्षक जितेंद्र सिंह शेखावत की मौत के मामले में सरमथुरा थाना पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी राममूर्ति पुत्र गजराज गुर्जर, दीवान सिंह पुत्र सोनेराम गुर्जर, धनीराम उर्फ धन्ना पुत्र रामजीलाल मीना और रामसेवक उर्फ चालू पुत्र रामजीलाल गुर्जर को हिरासत में लिया गया है. 8 जनवरी की देर रात सरमथुरा उपखंड के झिरी गांव में अवैध बजरी ले जा रहे माफियाओं ने वन रक्षक पर ट्रैक्टर-ट्रॉली चढ़ा दी थी. गंभीर रूप से घायल जितेंद्र सिंह शेखावत की अगले दिन जयपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई थी.
एक तरफ धौलपुर में कार्रवाई तेज है, दूसरी तरफ मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में चंबल नदी के किनारे बजरी का दोहन अब भी धड़ल्ले से जारी है. हैरानी की बात यह है कि वहां प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है.
उमेश मिश्रा