दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर देश की सबसे लंबी 8-लेन टनल तैयार, इस दिन से शुरू होगा ट्रायल

मुकुंदरा हिल्स में देश की सबसे लंबी 8-लेन टनल तैयार है, जिसका ट्रायल 15 मई से शुरू होगा. इसके खुलने से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर अब बिना रुके सफर होगा और घंटों का समय बचेगा.

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आधुनिक तकनीक NATM से बनी है यह 4.9 किमी लंबी टनल (Photo: ITG) आधुनिक तकनीक NATM से बनी है यह 4.9 किमी लंबी टनल (Photo: ITG)

हिमांशु शर्मा

  • जयपुर,
  • 03 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:52 PM IST

दिल्ली से मुंबई, गुजरात या मध्य प्रदेश की तरफ सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह बड़ी राहत की खबर है. दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर जिस आखिरी हिस्से का काम लंबे समय से रुका हुआ था, वह अब पूरा हो गया है. राजस्थान के मुकुंदरा हिल्स में बनी 4.9 किलोमीटर लंबी 8-लेन टनल का निर्माण पूरा कर लिया गया है और अब इसे 15 मई से ट्रायल के लिए खोलने की तैयारी है. इसके बाद इस पूरे रूट पर सफर पहले से ज्यादा तेज और आसान हो जाएगा.

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अब तक स्थिति यह थी कि मुकुंदरा इलाके में टनल का काम अधूरा होने के कारण वाहन चालकों को एक्सप्रेसवे से नीचे उतरना पड़ता था. इसके बाद उन्हें स्टेट हाईवे और पुराने मोड़ वाले रास्तों से होकर गुजरना पड़ता था, जिससे न सिर्फ समय ज्यादा लगता था बल्कि सफर भी काफी लंबा हो जाता था. लेकिन अब यह समस्या खत्म होने जा रही है, क्योंकि टनल पूरी तरह बनकर तैयार हो चुकी है. ऐसे में अब वाहन सीधे एक्सप्रेसवे से टनल के अंदर प्रवेश करेंगे और बिना किसी रुकावट के आगे निकल सकेंगे. इससे दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र की तरफ जाने वाले यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा.

साथ ही यह टनल दिल्ली-वडोदरा ग्रीन फील्ड अलाइनमेंट (NH-148N) का हिस्सा है, जो उम्मेदपुरा गांव के पास NH-12 जंक्शन से शुरू होकर नयागांव जागीर के पास टाकली नदी क्षेत्र तक जाती है. इसे खास तौर पर एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित किया गया है, ताकि ट्रैफिक का प्रवाह लगातार और व्यवस्थित बना रहे.

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आधुनिक तकनीक और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था

तकनीक की बात करें तो इस टनल को दुनिया की जानी-मानी 'न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड' (NATM) से बनाया गया है, जो इसकी मजबूती की गारंटी देती है. टनल का डिजाइन इतना बड़ा है कि इसकी हर ट्यूब की खुदाई 22 मीटर चौड़ाई में की गई है. इसमें दो अलग-अलग टनल ट्यूब हैं ताकि दोनों तरफ का ट्रैफिक पूरी सुरक्षा के साथ अलग-अलग चलता रहे. यह देश का पहला ऐसा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट है जहां सुरक्षा और आधुनिकता का ऐसा बेजोड़ मेल देखने को मिल रहा है.

सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए टनल में फायर फाइटिंग सिस्टम, हीट डिटेक्शन सिस्टम और पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाए गए हैं, जो किसी भी खतरे की स्थिति में तुरंत अलर्ट जारी करते हैं. साथ ही, वेंटिलेशन के लिए जेट पंखों का इस्तेमाल किया गया है, जो धुआं और प्रदूषण को नियंत्रित रखते हुए अंदर की हवा को सुरक्षित बनाए रखते हैं.

इसके अलावा निगरानी के लिए एआई आधारित कैमरे लगाए गए हैं, जो हर गतिविधि पर लगातार नजर रखते हैं. अगर कहीं कोई वाहन रुकता है या कोई घटना होती है, तो कंट्रोल रूम को तुरंत जानकारी मिल जाती है. वहीं, आपात स्थिति के लिए एसओएस कॉल बॉक्स भी लगाए गए हैं, जिनसे सीधे मदद ली जा सकती है.

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साथ ही, बिजली व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए डीजी सेट, ट्रांसफॉर्मर और बैकअप सिस्टम लगाए गए हैं, ताकि संचालन में कोई बाधा न आए. इसके साथ ही स्मार्ट लाइटिंग और इलेक्ट्रॉनिक साइन बोर्ड ड्राइवरों को दिशा और जरूरी जानकारी लगातार देते रहेंगे.

इतना ही नहीं, मोबाइल नेटवर्क और रेडियो कम्युनिकेशन सिस्टम भी टनल के अंदर सक्रिय रहेंगे, जिससे यात्रियों को किसी तरह की कनेक्टिविटी समस्या न हो. कुल मिलाकर, इस टनल के शुरू होने से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सफर पहले से कहीं ज्यादा तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा.

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