राजस्थान के भरतपुर जिले के सीतापुरा गांव में एक मादा पैंथर (तेंदुए) की ग्रामीणों द्वारा कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. घटना मंगलवार शाम वेयर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है. वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पैंथर एक घर में घुस गया था, जिसके बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई. डरे हुए ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई.
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और स्थानीय पुलिस की टीमें गांव पहुंचीं. अधिकारियों ने ग्रामीणों को शांत करने और पैंथर को सुरक्षित पकड़ने की कोशिश शुरू की. उप वन संरक्षक चेतन कुमार ने बताया कि बचाव दल पूरी सावधानी के साथ जानवर को रेस्क्यू करने का प्रयास कर रहा था. पुलिसकर्मी भीड़ को नियंत्रित कर लोगों को घटनास्थल से दूर रखने की कोशिश कर रहे थे, ताकि किसी तरह की जनहानि न हो.
हालांकि, हालात अचानक बिगड़ गए. अधिकारियों के मुताबिक जैसे ही पैंथर घर से बाहर निकलने की कोशिश करने लगा, वहां मौजूद कुछ ग्रामीणों ने उस पर हमला कर दिया. लोगों ने लाठियों और अन्य वस्तुओं से पैंथर को बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. वन विभाग की टीम ने लोगों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो गया.
मारने के बाद ग्रामीणों ने शव जलाने की भी की कोशिश
इतना ही नहीं अधिकारियों ने बताया कि पैंथर की मौत के बाद कुछ ग्रामीणों ने उसके शव को जलाने की भी कोशिश की. सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने तत्काल हस्तक्षेप किया और आंशिक रूप से जले हुए शव को अपने कब्जे में लिया. बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए भरतपुर भेज दिया गया. जांच में यह पुष्टि हुई कि मृत जानवर एक मादा पैंथर थी.
वन विभाग ने इस घटना को गंभीर वन्यजीव अपराध माना है. अधिकारियों का कहना है कि पैंथर की हत्या और शव को जलाने की कोशिश में शामिल लोगों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया जाएगा. पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम मामले की जांच में जुटी हुई है और वीडियो फुटेज व प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है.
विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों के सिकुड़ने और मानव बस्तियों के विस्तार के कारण वन्यजीव अक्सर आबादी वाले इलाकों में पहुंच जाते हैं. ऐसे मामलों में लोगों को सतर्कता और संयम बरतने की आवश्यकता होती है, ताकि इंसान और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
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