विधायक रविंद्र भाटी ने की आत्मदाह की कोशिश, बाड़मेर में बवाल

बाड़मेर के गिरल गांव में चल रहे खनन विवाद को लेकर कलेक्ट्रेट कूच के दौरान बड़ा बवाल हुआ. शिव विधायक रविंद्रसिंह भाटी ने कथित तौर पर खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया, जिससे पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया. ग्रामीण रोजगार और जमीन विवाद को लेकर पिछले कई दिनों से धरना प्रदर्शन चल रहा है.

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विधायक रविंद्रसिंह भाटी ने खुद पर पेट्रोल छिड़का. (Photo: Dinesh Bohra) विधायक रविंद्रसिंह भाटी ने खुद पर पेट्रोल छिड़का. (Photo: Dinesh Bohra)

दिनेश बोहरा

  • बाड़मेर ,
  • 19 मई 2026,
  • अपडेटेड 6:44 PM IST

बाड़मेर जिले में मंगलवार को कलेक्ट्रेट कूच के दौरान बड़ा हंगामा देखने को मिला. शिव विधानसभा क्षेत्र के गिरल गांव में पिछले 40 दिनों से चल रहे धरना प्रदर्शन के समर्थन में विधायक रविंद्रसिंह भाटी सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ पहुंचे थे. स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों और विधायक को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया. प्रशासन द्वारा रोक लगाए जाने के बाद माहौल और अधिक गरमा गया. पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति बन गई. इसी दौरान विधायक रविंद्रसिंह भाटी ने अचानक अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई. पुलिसकर्मी तुरंत हरकत में आए और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की.

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही विधायक ने पेट्रोल छिड़का, एक युवक ने उनके हाथ से माचिस छीन ली, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई. इसके बाद पुलिस ने तुरंत उन्हें चारों ओर से घेर लिया और काबू में लिया. इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद धरनार्थियों को बाहर निकाल दिया गया. इसके बाद प्रशासन ने विधायक रविंद्रसिंह भाटी को कलेक्टर से मुलाकात के लिए अनुमति दी. फिलहाल वे कलेक्टर से बातचीत कर रहे हैं और अपने क्षेत्र के लोगों की मांगों को रख रहे हैं.

माचिस छीनकर टली बड़ी अनहोनी

गिरल गांव में RSMM द्वारा लिग्नाइट खनन का कार्य कई वर्षों से किया जा रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी ने जमीन अधिग्रहण के दौरान स्थानीय लोगों को बड़े वादे किए थे. कुछ लोगों को ड्राइवर और मजदूर की नौकरी भी दी गई थी. लेकिन करीब डेढ़ महीने पहले स्थानीय लोगों से रोजगार वापस ले लिया गया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया. पिछले 25 दिनों से ग्रामीण धरने पर बैठे हैं, जबकि पिछले 14 दिनों से स्वयं विधायक रविंद्रसिंह भाटी भी धरने में शामिल होकर लगातार आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं. ग्रामीणों और विधायक का आरोप है कि कंपनी उनकी मांगों को सुनने और मानने के लिए तैयार नहीं है.

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खनन विवाद और ग्रामीणों का आंदोलन

इसी विवाद को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट महापड़ाव का आयोजन किया गया था, जो बाद में तनावपूर्ण स्थिति में बदल गया. विधायक ने अपने भाषण में कहा था कि यदि कंपनी उनकी मांगें नहीं मानती है, तो वो अपने लोगों के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं. फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मामले को शांत कराने की कोशिश की जा रही है.
 

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