पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल के बीच मालदा से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां सैकड़ों लोगों की भीड़ ने ट्रिब्यूनल में सुनवाई कर रहे तीन महिला अधिकारियों समेत सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बना लिया. यह मामला उन लोगों की सुनवाई से जुड़ा था जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे.घटना की गंभीरता इतनी बढ़ गई कि राज्य के शीर्ष अधिकारियों के साथ-साथ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को भी हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसके बाद बंधकों की रिहाई हो सकी. अब सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी समेत कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 6 अप्रैल को पेश होने का निर्देश दिया है और जांच एजेंसी से जांच कराने की बात कही है. इस घटना को लेकर बीजेपी और टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं, जिससे चुनावी सियासत और गरमा गई है.