सुप्रीम कोर्ट में पिछले दो दिनों में दो जनहित याचिकाएं दाखिल हुईं. याचिकाओं में शिकायत तो असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा के एक वीडियो को लेकर की गई थी जिसे असम बीजेपी ने पिछले दिनों पोस्ट किया और फिर डिलीट भी किया था. आज जब अर्जी पर सुनवाई हुई तो अदालत ने नेता विशेष के खिलाफ अर्जी नहीं देकर सामान्य अर्जी दायर करने को कहा ताकि देश में नेताओं की ओर से दिये जा रहे नफरती भाषण को रोकने के लिए गाइडलाइन बनाई जा सके. सवाल है क्या कोर्ट की गाइडलाइन से देश में नफरती भाषण पर रोक लग सकेगी? देखें दंगल.