बागेश्वर धाम के महंत धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि पटाखों से प्रदूषण और होली में जल संकट की दलील देने वाले बकरीद पर लाखों लाख जानवरों की कुर्बानी खामोशी से होने देते हैं, तो इधर मौलाना तौकीर हैं जो कहते हैं कि दिवाली दीये जलाने का त्योहार है पटाखे फोड़ने का नहीं. इसी बीच संघ प्रमुख मोहन भागवत के 6 साल पुराने एक बयान का भी हवाला दिया जा रहा है जिसमें सिर्फ हिंदू धर्म के पर्व त्योहारों पर तमाम बंदिशों को लेकर ऐतराज जताया गया था.