आज का दंगल पश्चिम बंगाल चुनाव में वोटर्स के असमंजस पर है. क्योंकि बंगाल में 23 अप्रैल को पहले चरण की वोटिंग है. 16 जिलों की 152 सीटों पर वोट डाले जाएंगे, इन तमाम सीटों की वोटिंग लिस्ट फ्रीज हो चुकी है. और इस बीच लाखों ऐसे मतदाता फंस गए हैं जिनके नाम पर फैसला ही नहीं हो सका. फैसले के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ट्रिब्यूनल बने हुए हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो पा रही. कांग्रेस के फरक्का के कैंडिडेट मोताब को अपना नाम वोटर लिस्ट में डलवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट आना पडा, ट्रिब्यूनल ने फैसला किया और रविवार रात 8 बजे उनका नाम वोटर लिस्ट में जोडा गया. मोताब ने आज पर्चा तो भर दिया होगा लेकिन जिन 60 लाख वोटर्स को विचाराधीन कैटेगरी में रखा गया था उसमें से 23 लाख से अधिक वोटर्स का नाम कट चुका है.