आज पश्चिम बंगाल में 152 सीटों पर पहले चरण की वोटिंग के साथ सत्ता का महासंग्राम निर्णायक मोड पर पहुंच गया. और आज बंगाल में वोटों का जिस तरह का सैलाब आया है उससे सियासी दलों की धड़कन बढ़ चुकी है. और अब ये सैलाब किसकी सियासत को बंगाल की खाड़ी में बहा ले जाएगा. ये कुछ ही दिन में तय हो जाएगा. और जब पहले चरण में वोटिंग 90 परसेंट के आंकड़े को पार कर चुकी है. तब सबसे बड़ा सवाल ये है कि 4 मई दीदी गई या कुर्सी पर जम गई? 152 सीटों पर जिस तरह का जनसैलाब उमड़ा, उसने साफ कर दिया है कि बंगाल का वोटर इस बार खामोश नहीं है. करीब ढाई लाख केन्द्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती में हुए इस चुनाव ने वोटर को सुरक्षा की गारंटी दी. वोटर को मुखर होने का मौका दिया. हालांकि सख्ती के बावजूद हिंसा की चिंगारी पूरी तरह बुझी नहीं, मुर्शिदाबाद में हुमायूं कबीर के काफिले पर हमला हुआ, तो आसनसोल में बीजेपी उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए. सिलीगुड़ी से लेकर मालदा तक झड़पें हुईं, लेकिन सुरक्षा बलों की मुस्तैदी ने इसे 'बड़ा बवाल' बनने से रोक लिया.