बजट 2026 भाषण के शुरू में ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संत रविदास का नाम लिया. आज संत रविदास जयंती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते बरसों में इस मौके पर अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के सीर गोवर्धन जाते रहे हैं. संत रविदास के जन्म स्थल सीर गोवर्धन में इस बार भी देश विदेश से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे हुए हैं - लेकिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार पंजाब का कार्यक्रम बनाया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविदास जयंती के मौके पर जालंधर के डेरा सचखंड बल्ला के दौरे पर हैं. वहां पर प्रधानमंत्री मोदी डेरा बल्लां प्रमुख संत निरंजन दास से मुलाकात करने वाले हैं, जिसके लिए करीब 45 मिनट का कार्यक्रम बनाया गया है. संत निरंजन दास डेरा बल्लां और वाराणसी दोनों जगह धार्मिक स्थलों की देखरेख करते हैं.
रविदास जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को लेकर पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार पहले से ही सक्रिय नजर आ रही है. पंजाब सरकार ने डेरा सचखंड बल्लां के पास गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र की स्थापना की घोषणा की है. पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने अध्ययन केंद्र को देश भर में अनूठी पहल बताया है. हरपाल सिंह चीमा का कहना है गुरु रविदास की शिक्षा और विचारधारा को पूरी दुनिया तक पहुंचाने के लिए पंजाब सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है - ध्यान रहे, अगले साल यानी 2027 पंजाब में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं.
बजट भाषण में संत रविदास का खास जिक्र
चुनावी साल में बजट भाषण का फोकस साफ नजर आता है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में चुनावी राज्यों के लिए घोषणाएं तो की है, लेकिन ध्यान देने पर ही चीजें समझ में आती हैं. 2026 में विधानसभा के चुनाव तो पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुड्डुचेरी में होने जा रहे हैं - लेकिन बजट भाषण में संत रविदास का जिक्र और प्रधानमंत्री मोदी का दौरा पंजाब चुनाव से अपने आप कनेक्ट हो जाता है.
बजट भाषण शुरू करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, माघ पूर्णिमा और गुरु रविदास जयंती के पावन अवसर पर मैं बजट पेश कर रही हूं... भारत में पिछले साल आर्थिक स्थिति अच्छी रही है... जब से हमने 12 साल पहले सत्ता संभाली है... देश की आर्थिक स्थिति स्थिरता, वित्तीय अनुशासन, लगातार विकास और कम महंगाई से पहचानी गई है... यह उन सोच-समझकर लिए गए फैसलों का नतीजा है जो हमने अनिश्चितता और मुश्किल समय में भी लिए हैं.
पंजाब में बड़ा दलित वोट बैंक है. हालांकि, उत्तर प्रदेश जैसा प्रभाव पंजाब में कभी दिखा नहीं है. संत रविदास के जिक्र के साथ साथ बजट 2025-26 में बौद्ध सर्किट के विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी अहम घोषणा की गई है. बौद्ध सर्किट नॉर्थ ईस्ट के 6 राज्यों में 5 पर्यटन स्थलों का निर्माण किया जाएगा. यह सर्किट अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे राज्यों को जोड़ते हुए पर्यटन को बढ़ावा देगा. विशेष रूप से उन रास्तों पर जिन पर बौद्ध धरोहर हैं. बौद्ध सर्किट में आने वाले मंदिरों और मठों का संरक्षण किया जाएगा.
बजट में संत रविदास का जिक्र और बौद्ध सर्किट का ऐलान को एक्सपर्ट दलित हित साधने की कोशिश से जोड़कर देख रहे हैं - और प्रधानमंत्री मोदी का वाराणसी की जगह पंजाब का दौरा भी उसी कड़ी को आगे बढ़ा रहा है - और ये सब ऐसे वक्त हो रहा है जब यूजीसी के मामले को लेकर अलग ही दलित बनाम सवर्ण की जंग छिड़ी हुई है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उस पर फिलहाल रोक लगा दी है.
संत रविदास जयंती पर मोदी पंजाब के दौरे पर
1. प्रधानमंत्री मोदी के पंजाब दौरे में डेरा बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास से मुलाकात खास मायने रखती है. संत निरंजन दास को गणतंत्र दिवस के मौके पर पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.
2. संत निरंजन दास हाल ही में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व चेयरमैन विजय सांपला के साथ नई दिल्ली के सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी. बताते हैं कि मुलाकात के दौरान ही संत निरंजन दास ने पंजाब के आदमपुर एयरपोर्ट का नाम संत रविदास के नाम पर रखे जाने का आग्रह किया था.
3. पंजाब दौरे में प्रधानमंत्री मोदी आदमपुर के सिविल एयरपोर्ट का नाम संत रविदास के नाम पर रखने जा रहे हैं. दोआबा क्षेत्र में सबसे ज्यादा दबदबा रखने वाली दलित आबादी की भावनाओं का सम्मान करने से जोड़कर देखा जा रहा है. दोआब क्षेत्र में पंजाब की करीब दो दर्जन विधानसभा सीटें हैं, जिनमें करीब डेढ़ दर्जन सीटों पर डेरा सचखंड बल्लां का सीधा प्रभाव माना जाता है.
4. प्रधानमंत्री मोदी लुधियाना में हलवारा एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का भी वर्चुअल उद्घाटन करेंगे. इसे पंजाब में एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर जोड़ कर देखा जा रहा है, जो लुधियाना और आस-पास के औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा कर सकता है.
और, उधर वाराणसी में...
बजट के बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पंजाब दौरे का कार्यक्रम बना है, उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी में संत रविदास मंदिर में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा हुआ है. संत रविदास की जन्मस्थली वाराणसी के सीर गोवर्धन में बड़े लंगर चल रहे हैं, जहां हर मिनट करीब एक हजार रोटियां बनाई जा रही हैं. दस हजार से ज्यादा सेवादार व्यवस्था संभालने में लगे हुए हैं.
यहां रविदास मंदिर के बाहर लंबी लाइन लगी हुई है, दर्शन के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है. मंदिर के पास 150 फीट ऊंची पताका फहराई गई है, जिसे दूर से ही देखा जा सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, 1000 से भी ज्यादा NRI चार्टर्ड विमानों से वाराणसी पहुंचे हुए हैं. संत रविदास को डॉलर की माला पहनाई गई है. मंदिर को करीब 200 किलो सोने से सजाया गया है.
काशी तमिल संगमम के दौरान जैसे वाराणसी दक्षिण भारतीयों का शहर लगता है, संत रविदास जयंती के मौके पर रैदासियों का तीर्थस्थल बन पड़ा है. प्रधानमंत्री मोदी जालंधर के जिस डेरा सचखंड बल्लां जा रहे हैं, पंजाब में उसे रविदास समुदाय के सबसे पवित्र स्थलों में से एक माना जाता है. रविदास समुदाय का पंजाब के दोआबा क्षेत्र में काफी प्रभाव माना जाता है, जिसमें जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर और कपूरथला जैसे जिले शामिल हैं.
मृगांक शेखर