ट्विशा ने अगर खुदकुशी की तो शरीर पर चोट के इतने निशान कैसे? राष्ट्रपति तक पहुंची परिवार की अपील

भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में अब परिवार ने राष्ट्रपति से जांच की गुहार लगाई है. साथ ही मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की भी मांग उठने लगी है. इसी को लेकर जबलपुर के वकील विवेक तिवारी ने CJI और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की है.

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ट्विशा केस में परिवार ने सास को जमानत मिलने पर भी उठाया सवाल. (File Photo: ITG) ट्विशा केस में परिवार ने सास को जमानत मिलने पर भी उठाया सवाल. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • भोपाल,
  • 20 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:08 AM IST

भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. अब ट्विशा के परिवार ने राष्ट्रपति तक गुहार लगाते हुए मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है. परिवार का आरोप है कि यदि ट्विशा ने आत्महत्या की थी, तो उसके शरीर पर कई चोटों के निशान कैसे मिले. इसी सवाल को लेकर परिजन लगातार जांच एजेंसियों पर सवाल उठा रहे हैं.

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आत्महत्या की तो शरीर पर चोट के निशान कैसे?
परिवार का कहना है कि ट्विशा शादी के बाद से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेल रही थी. उन्होंने दावा किया कि मृतका ने अपने करीबी लोगों को कई बार ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ित किए जाने की जानकारी दी थी. मामले में सामने आए पोस्टमार्टम और चोटों के विवरण ने संदेह और गहरा दिया है.

परिवार ने जांच एजेंसियों पर भी उठाया सवाल. (photo: ITG)

परिजनों ने राष्ट्रपति को भेजी अपील में मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है. वहीं इस मामले में मध्य प्रदेश के जबलपुर के एक स्थानीय वकील ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की है. ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया है कि उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था और इसी वजह से उसकी हत्या की गई.

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घर में फंदे से लटकी मिली थी ट्विशा
जानकारी के अनुसार नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं. इस घटना के बाद परिवार ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि दहेज हत्या बताया. मामले में मृतका के पति समर्थ सिंह और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं.

जबलपुर के वकील विवेक तिवारी ने बताया कि ट्विशा के पिता नव निधि शर्मा ने ई-मेल के जरिए उनसे संपर्क किया और बेटी को न्याय दिलाने की अपील की. इसके बाद तिवारी ने CJI और हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की. पत्र में कहा गया है कि परिवार द्वारा बताए गए तथ्य बेहद गंभीर, संवेदनशील और कानूनी रूप से महत्वपूर्ण हैं.

घर में फंदे से लटकी मिली थी ट्विशा शर्मा. (photo: ITG )

सास को जमानत मिलने पर परिवार की बढ़ी चिंता
पत्र में विशेष रूप से यह उल्लेख किया गया है कि ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह एक सेवानिवृत्त अतिरिक्त जिला न्यायाधीश हैं और वर्तमान में भोपाल जिला उपभोक्ता फोरम की अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं. परिवार को आशंका है कि उनके प्रभाव के कारण जांच प्रभावित हो सकती है. वकील ने कहा कि गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत मिलने के बाद मृतका के माता-पिता की चिंता और बढ़ गई है.

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पत्र में यह भी कहा गया है कि मृतका के पिता ने गवाहों को प्रभावित करने, सबूतों से छेड़छाड़ करने और महत्वपूर्ण फोरेंसिक सामग्री नष्ट किए जाने की आशंका जताई है. इसी कारण संवैधानिक अधिकारियों से स्वतंत्र एजेंसी द्वारा निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की गई है. साथ ही मामले से जुड़े सभी इलेक्ट्रॉनिक और फोरेंसिक साक्ष्यों को तत्काल सुरक्षित रखने की मांग भी की गई है.

ट्विशा के पति की जमानत याचिका खारिज
भोपाल की एक अदालत ने फरार पति समर्थ सिंह की गिरफ्तारी-पूर्व जमानत याचिका खारिज कर दी है. पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है. आरोपी की गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वाले को 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा भी की गई है.

दूसरी ओर, ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह ने परिवार के आरोपों को खारिज किया है. उनका कहना है कि ट्विशा का मानसिक उपचार चल रहा था और वह नशे की लत से भी जूझ रही थी. हालांकि मृतका के परिवार ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि यह मामले को भटकाने की कोशिश है. फिलहाल यह मामला भोपाल समेत पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है. अब सभी की नजर पुलिस जांच और अदालत की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है.

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