महाकुंभ की वायरल गर्ल केस में MP सरकार का बड़ा एक्शन, फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट जारी करने वाले CMO को हटाया

'महाकुंभ की वायरल गर्ल' के फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में MP सरकार ने पहली बड़ी गाज गिराई है. नगर परिषद महेश्वर के सीएमओ का तबादला कर दिया गया है, जबकि इस मामले के तार अब 'लव जिहाद' और अंतरराष्ट्रीय संगठनों तक जुड़ते नजर आ रहे हैं.

Advertisement
वायरल गर्ल की उम्र छिपाकर कराई गई थी शादी. (File Photo: ITG) वायरल गर्ल की उम्र छिपाकर कराई गई थी शादी. (File Photo: ITG)

उमेश रेवलिया

  • खरगोन,
  • 11 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 10:45 AM IST

महाकुंभ की वायरल गर्ल मामले ने तूल पकड़ लिया है. केरल में मुस्लिम युवक फरमान से शादी रचाने वाली लड़की नाबालिग निकली. अब उसका फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी करने वाले नगर परिषद महेश्वर के सीएमओ का तबादला कर दिया है.

सीएमओ प्रियंक पंड्या का तबादला अब धार जिले की धामनोद नगर परिषद किया गया है. नगर परिषद ने जारी किए जन्म प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया है. मामले को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने जांच में लिया है.  

Advertisement

दरअसल, खरगोन जिले का महेश्वर इन दिनों देशभर में सुर्खियों में बना है. महाकुंभ की वायरल गर्ल का जन्म प्रमाण पत्र जो नगर परिषद महेश्वर द्वारा जारी किया गया था, जांच में फर्जी निकला.

मामला संवेदनशील होने के कारण मध्य प्रदेश शासन के उपसचिव प्रमोद शुक्ला ने स्थानांतरण आदेश जारी करते हुए तत्काल प्रभाव से सीएमओ प्रियंक पंड्या का ताबदला किया है.

बता दें कि नगर परिषद महेश्वर ने मोनालिसा का जन्म प्रमाण पत्र 5 जून 2025 को जारी किया गया था. इसमें मोनालिसा का जन्म 2008 में बताया गया था. इसी जन्म प्रमाण पत्र को आधार बनाकर बागपत (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले फरमान खान ने उसके साथ केरल में शादी रचाई है, जबकि जांच में उक्त जन्म प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया.

जन्म के समय 2 किलो 100 ग्राम था बेटी का वजन 
दरअसल, वायरल गर्ल की मां ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महेश्वर में 30 दिसंबर 2009 को बेटी को जन्म दिया था. अस्पताल के पंजीयक रजिस्टर में बाकायदा मां का और पिता का नाम दर्ज है.

Advertisement

साथ ही 30 दिसंबर 2009 को शाम 5:50 बजे पुत्री का जन्म बताया गया है. जिसका वजन 2 किलो 100 ग्राम था और ये नॉर्मल डिलीवरी हुई थी. मां ने दावा किया कि वह अनपढ़ हैं और एक अनजान शख्स ने उनकी अज्ञानता का फायदा उठाकर कागजों पर दस्तखत ले लिए थे.

'लव जिहाद' और PFI का एंगल
खरगोन-बड़वानी सांसद गजेंद्र पटेल ने इस मामले को लेकर सनसनीखेज दावे किए हैं. उन्होंने कहा कि यह केवल एक शादी नहीं, बल्कि लव जिहाद का एक बड़ा षड्यंत्र है. उनके अनुसार, केरल में जाकर शादी करना और फर्जी दस्तावेज तैयार करना PFI जैसे संगठनों की कार्यप्रणाली का हिस्सा हो सकता है.

राष्ट्रीय आयोग की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) ने संज्ञान लिया है. आयोग के निर्देश पर एक उच्च-स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है. नगर परिषद ने फिलहाल विवादित जन्म प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement