अमेरिका-इजरायल और ईरान में युद्ध से मिडिल-ईस्ट में टेंशन हाई है. इस भीषण युद्ध की आंच भारत तक भी पहुंच गई है. यहां एक वर्ग ऐसा है जिसे ईरान पर हो रहे हमले ज्यादती लगते हैं. हाल में ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद से दुनिया के कई देशों के अलावा भारत के कई हिस्सों में शिया समुदाय के लोगों ने अपना विरोध दर्ज किया. कई जगह प्रोटेस्ट हुए और हो रहे हैं. इसी कड़ी में मध्यप्रदेश के जबलपुर में मुस्लिम समुदाय ने ईरान पर हो रहे हमलों को रुकवाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है.
लगाए खामनेई साहब जिंदाबाद के नारे
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई की मौत पर जबलपुर में कैंडल जुलूस निकाला गया. सैकड़ो शिया मुस्लिम महिलाएं खामनेई साहब जिंदाबाद के नारे लगाते हुए निकली. इस दौरान 'कितने खामनेई मारोगे-घर-घर से खामनेई निकलेगा' के नारे भी गूंज उठे.
इसके अलावा जगह जगह 'ईरान से ये सदा आई, शिया सुन्नी भाई-भाई' के बैनर लगाए गए. यहां महिलाओं ने बात करते हुए कहा कि 'हम खामेनेई साहब के खून का बदला चाहते हैं. बेकसूरों के खून का बदला चाहते हैं.'
'युद्ध रुकवाए भारत सरकार'
शिया समुदाय से जुड़े लोगों ने अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों को मज़लूमों पर जुल्म बताया. इस बीच रैली में शामिल मुस्लिम समाज के पदाधिकारियों ने भारत सरकार से हस्तक्षेप की मांग की. उन्होंने युद्ध रुकवाने के लिए पहल करने और जरूरतमंदों को दवाइयां और अन्य जरूरी सामान मुहैया कराने के भारत सरकार से मांग की है.
'इजराइल और अमेरिका को जालिम देश हैं'
प्रदर्शनकारियों ने इजराइल और अमेरिका को जालिम देश करार देते हुए कहा कि हम जुल्म के खिलाफ हमेशा आवाज उठाएंगे. अंजुमन निदा-ए-इस्लाम के बैनर तले निकाला गया ये जुलूस जबलपुर के फूटाताल इलाके में स्थित मस्जिद जाकिर अली से शुरू हुआ. क्षेत्र के कई मार्गों का भ्रमण करते हुए गलगला के इमामबाड़े में इसका समापन हुआ.
धीरज शाह