मध्य प्रदेश के धार भोजशाला फैसले के बाद पूरा प्रदेश जिस एक चेहरे की सबसे ज्यादा चर्चा कर रहा है, वह हैं धार के पुलिस कप्तान सचिन शर्मा. सख्त तेवर, हाई अलर्ट सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर जीरो टॉलरेंस वाली कार्यशैली के कारण IPS सचिन शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं.
भोजशाला मामले में हाई कोर्ट के फैसले के बाद जहां सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अफवाहें फैलाने की कोशिशें हुईं, वहीं एसपी सचिन शर्मा ने बेहद कड़े अंदाज में साफ संदेश दे दिया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है. उनके बयान के बाद प्रदेशभर में यह चर्चा शुरू हो गई कि धार में अब 'पत्ता तक बिना अनुमति नहीं खड़क सकता.' और हुआ भी यही. बीते शुक्रवार को कहीं से भी कोई अप्रिय खबर सामने नहीं आई.
फिटनेस फ्रीक IPS: कमर में टायर बांधकर दौड़ते हैं सचिन शर्मा
धार जिले में कानून व्यवस्था संभालने वाले IPS अफसर सचिन शर्मा अपनी फिटनेस को लेकर भी खूब चर्चा में रहते हैं. सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह कमर में भारी टायर बांधकर दौड़ते नजर आ रहे थे. देखें VIDEO:-
यह वीडियो देखते ही लोग हैरान रह गए. कोई उन्हें 'रियल सिंघम' है तो कोई 'आयरन आईपीएस' कहता है.
सुबह-शाम ग्राउंड पर बहाते हैं पसीना
IPS सचिन शर्मा रोजाना पुलिस लाइन ग्राउंड पर घंटों एक्सरसाइज करते हैं. उनकी फिटनेस रूटीन बेहद कठिन मानी जाती है. वह कमर से टायर बांधकर दौड़ लगाते हैं, ट्रक के भारी टायर पलटते हैं, डिप्स लगाते हैं और लोहे के डंबल लेकर रनिंग भी करते हैं.
इतना ही नहीं, वह सुबह और शाम दोनों समय वर्कआउट करते हैं. बताया जाता है कि वह रात करीब 12:30 से 1 बजे के बीच सोते हैं और सुबह 5 बजे से पहले उठ जाते हैं. इसके बाद सीधे ग्राउंड पहुंचकर घंटों एक्सरसाइज करते हैं. शाम को ऑफिस का काम खत्म होने के बाद फिर ग्राउंड पर पहुंच जाते हैं और रात करीब 9 बजे तक फिटनेस ट्रेनिंग करते हैं.
क्रिकेट भी है पसंदीदा हॉबी
सख्त पुलिस अफसर की छवि रखने वाले सचिन शर्मा का एक अलग अंदाज भी है. उन्हें क्रिकेट खेलने का भी काफी शौक है.
ऑफिस वर्क खत्म होने के बाद वह अपने स्टाफ के साथ क्रिकेट की नेट प्रैक्टिस करते हैं. फिटनेस और खेल को वह तनाव कम करने और कार्यक्षमता बढ़ाने का सबसे अच्छा माध्यम मानते हैं.
ऑफिस में ही करते हैं लंच
वर्किंग स्टाइल की बात करें तो आईपीएस सचिन शर्मा अपनी ड्यूटी को लेकर बेहद अनुशासित माने जाते हैं. बताया जाता है कि वह ऑफिस टाइम के दौरान पूरी तरह काम में जुटे रहते हैं. यहां तक कि लंच के लिए भी अक्सर बंगले पर नहीं जाते, बल्कि ऑफिस में ही भोजन करते हैं.
उनका मानना है कि एक पुलिस अधिकारी जितना फिट और अनुशासित होगा, उतनी ही बेहतर तरीके से वह दबाव वाली परिस्थितियों को संभाल सकेगा.
पहले भी संभाल चुके हैं कई संवेदनशील जिले
सचिन शर्मा इससे पहले छतरपुर और उज्जैन जैसे संवेदनशील जिलों में भी एसपी रह चुके हैं. वहां भी उन्होंने कई बड़े और संवेदनशील मामलों को प्रभावी तरीके से संभाला.
उनकी कार्यशैली को लेकर कहा जाता है कि अपराधियों में उनका खौफ रहता है, जबकि आम लोगों के बीच उनकी छवि एक एक्टिव और अनुशासित अफसर की है.
धार में भोजशाला मामले के दौरान जिस तरह उन्होंने प्रशासनिक सख्ती, शांति व्यवस्था और जनसंदेश, तीनों का संतुलन बनाया, उससे उनकी छवि एक मजबूत फील्ड ऑफिसर के रूप में और ज्यादा मजबूत होकर उभरी है.
'जिसे कानून चुनौती देना है, वह कोशिश कर ले…'
गुरुवार शाम मीडिया से बातचीत के दौरान एसपी सचिन शर्मा ने बेहद सख्त लहजे में कहा था, ''जो लोग हाई कोर्ट के फैसले का गलत अनुवाद कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.''
धार पुलिस कप्तान ने सख्त लहजे में अफवाहबाजों को चेतावनी देते हुए कहा, ''गुरुवार शाम तक समझाइश का समय था, लेकिन अब सिर्फ कानून का पालन होगा. अगर कोई कानून को चुनौती दे सकता है, वह प्रयास करके देख ले, प्रशासन पूरी तरह तैयार है और ऐसी कार्रवाई होगी जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी.''
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एसपी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त चर्चा शुरू हो गई. कई लोगों ने इसे कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 'सख्त लेकिन जरूरी संदेश' बताया. देखें VIDEO:-
भोजशाला परिसर में शुक्रवार को पहली बार जुम्मे के दिन हाई कोर्ट के फैसले के बाद विशेष स्थिति बनी. ऐसे संवेदनशील माहौल को संभालने के लिए प्रशासन ने अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी.
धार शहर में कलेक्टर राजीव रंजन मीना और एसपी सचिन शर्मा के नेतृत्व में विशाल फ्लैग मार्च निकाला गया. इस मार्च की सबसे खास बात यह रही कि पुलिस बल के हाथों में तिरंगा था और डीजे पर भाईचारे व सौहार्द के गीत बज रहे थे. यह सिर्फ शक्ति प्रदर्शन नहीं था, बल्कि शांति और सद्भाव का संदेश भी था.
RAF से लेकर वज्र वाहन तक उतरे मैदान में
फ्लैग मार्च और सुरक्षा व्यवस्था में RAF, STF, SAF, अश्वरोही बल और जिला पुलिस बल को लगाया गया. इसके अलावा वज्र और योद्धा जैसे अत्याधुनिक सुरक्षा वाहन भी तैनात किए गए.
धार जिले में करीब 2 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई. ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी मॉनिटरिंग, मोबाइल पेट्रोलिंग और वाहनों की सघन चेकिंग के जरिए पूरे शहर पर नजर रखी गई.
हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने लगातार लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की.
महाआरती और विरोध, दोनों के बीच कायम रही शांति
हाई कोर्ट के फैसले के बाद शुक्रवार को भोजशाला परिसर में सैकड़ों हिंदू श्रद्धालु 'महा आरती' के लिए पहुंचे. परिसर को रंगोली और फूलों से सजाया गया था. श्रद्धालु भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना में शामिल हुए.
दूसरी ओर, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विरोध स्वरूप अपने घरों में जुम्मे की नमाज अदा की और काले बैंड बांधकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया.
मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे हाई कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन उससे संतुष्ट नहीं हैं और सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है.
इन सबके बीच सबसे बड़ी बात यह रही कि जिले में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई. खुद एसपी सचिन शर्मा ने कहा कि हाई कोर्ट के निर्देशों का पूरी गंभीरता और सही भावना के साथ पालन कराया गया.
नीरज चौधरी