इंदौर में अंगदान करने वाले विजय जायसवाल को 'गार्ड ऑफ ऑनर', 4 लोगों को मिली नई जिंदगी

इंदौर से मानवता की एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जहां मध्य प्रदेश सरकार ने अंगदान की महान परंपरा को सम्मान देते हुए एक 'ब्रेन-डेड' व्यक्ति को राजकीय विदाई दी.

Advertisement
विजय जायसवाल के दान से 4 परिवारों में लौटी खुशियां.(Photo:ITG) विजय जायसवाल के दान से 4 परिवारों में लौटी खुशियां.(Photo:ITG)

aajtak.in

  • इंदौर,
  • 20 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:02 PM IST

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर ने एक बार फिर अंगदान के क्षेत्र में मिसाल पेश की है. खरगोन निवासी 49 वर्षीय विजय जायसवाल को उनकी मृत्यु के पश्चात गार्ड ऑफ ऑनर के साथ विदाई दी गई. उनके परिवार के साहसिक फैसले ने चार गंभीर बीमार मरीजों को जीवनदान दिया है.

इंदौर सोसाइटी फॉर ऑर्गन डोनेशन के कोऑर्डिनेटर संदीपन आर्य ने बताया कि प्रॉपर्टी डीलर विजय जायसवाल को 15 फरवरी को एक रोड एक्सीडेंट में सिर में गंभीर चोटें आने के बाद यहां एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था.

Advertisement

आर्य ने बताया, "खरगोन शहर के रहने वाले जायसवाल को डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया था. हमारी सलाह के बाद, जायसवाल का परिवार ऑर्गन डोनेशन के लिए मान गया. फिर सर्जनों ने हार्ट, लिवर और दोनों किडनी निकालीं.

हार्ट को एक स्पेशल फ्लाइट से अहमदाबाद ले जाया गया, जबकि उनके लिवर और दो किडनी को लोकल हॉस्पिटल में मरीजों में ट्रांसप्लांट किया गया."

चश्मदीदों ने बताया कि गुरुवार को अंतिम संस्कार के समय जायसवाल को दिए गए गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान, पुलिस वाले अपनी राइफलों के साथ लाइन में खड़े थे, जिन्हें उन्होंने कमांड पर सलामी दी. इस मौके पर टॉप पुलिस और एडमिनिस्ट्रेटिव अधिकारी मौजूद थे.

उनकी पत्नी आराधना ने कहा, "मेरे पति के ऑर्गन डोनेशन से तीन या चार परिवारों के गंभीर रूप से बीमार सदस्यों की जान बच जाएगी. इसी भावना के साथ हमने उनके ऑर्गन डोनेट करने का फैसला किया."

Advertisement

15 फरवरी को, केरल की एक 10 महीने की बच्ची को राजकीय सम्मान के साथ दफनाया गया, जब वह अपने माता-पिता के ऑर्गन डोनेट करने के फैसले के बाद दक्षिणी राज्य की सबसे कम उम्र की डोनर बन गई.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement