13 साल की पोती को 42 साल के शख्स से ब्याहा... सगे दादा ने मासूम की जिंदगी दांव पर लगाई, 13 पर FIR

MP News: इंदौर के राऊ में 13 साल की बच्ची का 42 साल के शख्स से बाल विवाह कर दिया गया. बिना पिता की मासूम का सगे दादा ने यह सौदा किया. इस मामले में 13 लोगों पर FIR दर्ज हो गई है...

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इंदौर में 'बदले की शादी' का खौफनाक सच. (Photo: Representational) इंदौर में 'बदले की शादी' का खौफनाक सच. (Photo: Representational)

धर्मेंद्र कुमार शर्मा

  • इंदौर,
  • 21 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:35 PM IST

इंदौर में बाल विवाह का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है. एक 13 साल की बच्ची को उसके अपने ही दादा ने 'सौदा' बनाकर एक 42 साल के शख्स को सौंप दिया. यह पूरी साजिश एक 'बदले के रिश्ते' के तहत रची गई थी. मासूम के पिता का निधन हो चुका है. 

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महिला और बाल विकास विभाग के उड़नदस्ता प्रभारी महेंद्र पाठक ने मामले की तह तक जाकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. दरअसल, दूल्हे के पिता ने लड़की के दादा के सामने शर्त रखी थी कि वह अपनी बेटी की शादी उनके पोते से तभी करेंगे, जब दादा बदले में अपनी 13 साल की पोती की शादी उनके 42 साल के बेटे से करेंगे.

दादा ने पोते की शादी कराने के चक्कर में अपनी नाबालिग पोती का भविष्य बर्बाद कर दिया.

उज्जैन में गुपचुप निकाह
प्रशासन को इस विवाह की भनक पहले ही लग गई थी और 25 अप्रैल को होने वाले समारोह को रुकवा दिया गया था. लेकिन आरोपियों की मंशा कुछ और ही थी. बच्ची को बालिग दिखाने के लिए फर्जी मार्कशीट तैयार की गई थी, जिसे शिक्षा विभाग ने जांच में गलत पाया.

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प्रशासन को गुमराह कर 26 अप्रैल की रात बच्ची को इंदौर से उज्जैन ले जाया गया. उज्जैन के चिंतामण गणेश मंदिर के बाहर गुपचुप तरीके से शादी की रस्में पूरी की गईं.

शादी के बाद बच्ची वापस घर आ गई, लेकिन कुछ दिन बाद उस पर ससुराल जाने का दबाव बनाया गया और उसके साथ मारपीट भी की गई.

13 आरोपियों पर शिकंजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए राऊ पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है. बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत दूल्हे, उसके रिश्तेदारों और लड़की के दादा-दादी समेत कुल 13 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.

भारत में 21 वर्ष से कम आयु के लड़के या 18 वर्ष से कम आयु की लड़की का विवाह 'बाल विवाह' माना जाता है, जिसके लिए दो वर्ष तक के कठोर कारावास, 1 लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों का दंड दिया जा सकता है.

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