CM मोहन यादव का सख्त एक्शन, MP में कलेक्टर और एसपी पर गिरी गाज

मध्य प्रदेश के गुना में हवाला कांड में पुलिस पर गुजरात के व्यापारी से 20 लाख रुपये वसूलने का आरोप लगा है. व्यापारी 1 करोड़ नकद लेकर जा रहा था. शिकायत के बाद पैसे वापस कराए गए. डीजीपी ने जांच के आदेश दिए. मामले के लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव सख्त रुख अपनाया है. मामले में एसपी को हटाने के निर्देश भी जारी किए हैं.

Advertisement
मुख्यमंत्री मोहन यादव.(File Photo: ITG) मुख्यमंत्री मोहन यादव.(File Photo: ITG)

विकास दीक्षित / रवीश पाल सिंह

  • गुना,
  • 22 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 12:34 PM IST

मध्य प्रदेश के गुना में हवाला से जुड़े एक सनसनीखेज मामले ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. इससे पहले सिवनी में हवाला का पैसा लूटने के मामले में पुलिस की किरकिरी हो चुकी है, वहीं अब गुना में भी पुलिस पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं. आरोप है कि पुलिस ने गुजरात के एक जीरा व्यापारी से डराकर 20 लाख रुपये वसूल लिए.

Advertisement

बताया जा रहा है कि व्यापारी अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी (GJ05 RK 9351) में 1 करोड़ रुपये नकद लेकर गुजरात जा रहा था. इसी दौरान जब वह NH46 से गुजरते हुए पगारा टोल प्लाजा पहुंचा, तो दो पुलिसकर्मियों ने उसकी गाड़ी रोक ली और उसे रूठियाई पुलिस चौकी ले जाया गया.

आरोप है कि रूठियाई चौकी पर पुलिस ने हवाला के पैसे को लेकर व्यापारी पर दबाव बनाया और 20 लाख रुपये में मामला सेट कर लिया. इसके बाद धरनावदा पुलिस ने कथित तौर पर 1 करोड़ में से 20 लाख रुपये वसूल कर व्यापारी और उसकी गाड़ी को छोड़ दिया.

यह भी पढ़ें: गुना में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, सरिया के नीचे दबने से तीन लोगों की दर्दनाक मौत

IPS अधिकारी के हस्तक्षेप के बाद लौटे पैसे

पुलिस के चंगुल से छूटने के बाद व्यापारी ने इस मामले की शिकायत गुजरात के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी से कर दी. आईपीएस अधिकारी ने इस पूरे मामले की जानकारी गुना के पुलिस अधीक्षक तक पहुंचाई. सूचना मिलने के बाद गुना के एसपी ने धरनावदा पुलिस को फटकार लगाई और व्यापारी से लिए गए 20 लाख रुपये वापस करवाए गए.

Advertisement

बताया जा रहा है कि व्यापारी ने इस मामले की शिकायत गुजरात के एक बड़े नेता से भी की, जिसके बाद मामला और अधिक तूल पकड़ गया. मामले के तूल पकड़ते ही पुलिस विभाग में हलचल तेज हो गई.

मध्य प्रदेश के डीजीपी ने मामले का संज्ञान लेते हुए ग्वालियर संभाग के आईजी को जांच के निर्देश दिए. आईजी अरविंद सक्सेना ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी अमित सांघी को जांच के लिए गुना भेजा है.

जांच में पुलिस की भूमिका संदिग्ध, सख्त कार्रवाई के संकेत

आईजी ने कहा कि इस मामले में पुलिस की कार्यशैली संदिग्ध प्रतीत हो रही है. यदि हवाला का मामला था तो इसकी सूचना इनकम टैक्स विभाग को दी जानी चाहिए थी. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी पुलिसकर्मी की अवैध वसूली में संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

डीआईजी अमित सांघी ने धरनावदा थाने और रूठियाई पुलिस चौकी पहुंचकर पुलिसकर्मियों से पूछताछ की. इस दौरान पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी भी मौजूद रहे. डीआईजी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है और शिकायतकर्ता के अनुपस्थित होने के कारण जांच को विस्तार से किया जाएगा.

इस पूरे मामले में थाना प्रभारी प्रभात कटारे समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट पेश की जाएगी और नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी.

Advertisement

मुख्यमंत्री का सख्त रुख, बड़े अधिकारियों पर गिरी गाज

मामले के तूल पकड़ने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सख्त रुख अपनाया. उन्होंने गुना जिले में इस प्रकरण में पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी की भूमिका को उचित नहीं मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि प्रशासनिक शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी. दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सीधी जिले में भी आकस्मिक निरीक्षण के बाद जिला कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को हटाने और जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक पीएस धनवाल को निलंबित करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए और जवाबदेही हर स्तर पर तय की जाएगी. वहीं, 2018 बैच की IPS अधिकारी हितिका वासल को गुना का पुलिस अधीक्षक बनाया गया है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »