डिजिटल युग में दुनिया आपकी उंगलियों पर नाच रही है. एडल्ट फ़िल्में देखना आज के समय में लोगों के लिए कॉमन हो गया है. लेकिन कुछ लोग जरूरत से ज्यादा ही एडल्ट फ़िल्में देखने लगते हैं और इसके आदी हो जाते हैं. आगे की स्लाइड्स में देखिए एडल्ट कंटेंट कैसे आपको प्रभावित करता है...
इंसान जब एडल्ट फ़िल्में देखता है तो उसके दिमाग में अच्छा महसूस कराने वाला डोपमीन नामक केमिकल भर जाता है, लेकिन बार-बार एडल्ट फ़िल्में देखने से दिमाग इस केमिकल को रिस्पॉन्स देना बंद कर देता है. जिससे वहीं एडल्ट फ़िल्में हमें बोरिंग लगने लगता है. देखने वाला फिर और ज्यादा हार्डकोर एडल्ट कंटेंट तलाशना शुरू कर देता है. ये बाद में आदत बन जाती है.
एडल्ट फिल्मों में दिखाए गए पुरुष के शरीर का आकार काफी सुडौल होता है. वीडियो में एडल्ट स्टार को देखकर हम हीन भावना से ग्रसित हो जाते हैं और अपनी शरीर की बनावट पर शर्मिंदा महसूस करने लगते हैं. जबकि हर व्यक्ति का शरीर बेहतर संबंध बनाने के लिए पूर्ण होता है.
ज्यादा एडल्ट फ़िल्में देखने वालों की निजी लाइफ पर भी इसका असर पड़ता है. हो
सकता है कि आपका पार्टनर उस हिसाब से ना रिऐक्ट कर रहा हो जैसा वीडियो में
देखकर आप आशा कर रहे थे. ऐसे में आपके पार्टनर का शरीर आपको नीरस लगना शुरू
हो जाता है.
पहले 35 साल से कम उम्र के पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या बहुत ही मुश्किल से होती थी, लेकिन अब किशोरावस्था में ही यह समस्या दिखने लगी है. इसका एक कारण जरूरत से ज्यादा एडल्ट फ़िल्में देखना है. जिससे दिमाग में उत्तेजना पैदा करने वाले केमिकल्स का स्तर कम हो जाता है और संबंध बनाने के दौरान आपका प्राइवेट पार्ट रिस्पॉन्स नहीं करता है.
एडल्ट फ़िल्में देखने की लत आपको हिंसक बना सकती है. एडल्ट फ़िल्में देखकर आप इस बात में यकीन करने लगते हैं कि अति उत्साही संबंध में आपके पार्टनर को मजा आएगा लेकिन यह गलत है. आपको जानकर हैरानी होगी कि एडल्ट मॉडल्स को भी बीमारियों, रेप, गाली-गलौज और मारपीट का सामना करना पड़ता है और कई मॉडल्स अवसाद का शिकार हो जाती हैं.
जितना ज्यादा आप एडल्ट फ़िल्में देखेंगे, उतना ज्यादा आपकी फैंटसी बढ़ती जाएगी. इसका नतीजा यह होगा कि आप नॉर्मल तरीके से एक्साइटेड ही नहीं हो पाएंगे, और इससे आपकी रिलेशनशिप खराब हो जाएगी.