Premanand Maharaj: क्या आपको भी बार-बार लगती है लोगों की बुरी नजर तो सुनिए प्रेमानंद की ये बात

Premanand Maharaj Teachings: वृंदावन के प्रेमानंद महाराज ईश्वर नाम जप के अलावा भक्तों की शंकाओं का समाधान करने के लिए भी जाने जाते हैं. एक भक्त ने उनसे पूछा कि क्या वाकई 'बुरी नजर' जैसी कोई चीज होती है या यह केवल हमारे मन का एक वहम है?

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प्रेमानंद ने बताया क्या सच में नजर लगती है (Photo: ITG) प्रेमानंद ने बताया क्या सच में नजर लगती है (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:24 AM IST

Premanand Maharaj Teachings: वृंदावन के प्रसिद्ध प्रेमानंद महाराज आध्यात्म और सत्संग की दुनिया में बेहद सम्मानित संतों में एक हैं. वो राधा रानी के परम भक्त हैं. प्रेमानंद महाराज प्रेम, करुणा और भक्ति के संदेश देते हैं.उनके देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में लाखों भक्त हैं जो उन्हें फॉलो करते हैं.

प्रेमानंद महाराज अपने प्रवचनों और कथाओं से लोगों को भक्ति के मार्ग पर आने के लिए प्रेरित करते हैं ताकि लोगों को आध्यात्मिक शांति मिले.इतना ही नहीं वो भक्तों को अपनी शिक्षा के माध्यम से जीवन जीने की कला और जीवन की बाधाओं से लड़ने के लिए भी प्रेरित करते हैं.

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क्या नजर लगना सच है या मात्र भ्रम

प्रेमानंद केवल भक्तों को ईश्वर की बताई राह पर चलने के लिए ही प्रेरित नहीं करते बल्कि कई बार वो भक्तों के जीवन से जुड़ी तकलीफों और शंकाओं का समाधान करने की कोशिश भी करते हैं. कुछ समय पहले एक भक्त ने उनसे पूछा कि क्या दुनिया में 'बुरी नजर' जैसी कोई चीज वाकई मौजूद होती है या यह केवल हमारे मन का एक वहम है? आइए जानते हैं कि प्रेमानंद महाराज ने इसका क्या जवाब दिया है.

प्रेमानंद ने दिया भक्त को जवाब

जब भक्त ने उसने पूछा, 'महाराज जी क्या सच में नजर लगती है या ये सिर्फ भ्रम है. जैसे गांवों में कहते हैं कि तुम्हे नजर लग गई. बुखार आ गया तो लोग कहते हैं कि नजर लग गई. कोई शुभ काम करने जाते हैं तो वो रुक जाता है या अड़चन आ जाती है तो लोग कहते हैं बुरी नजर लग गई है.'

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इस पर प्रेमानंद ने जवाब देते हुए कहा, 'हमारे कर्म ही सबके पीछे होते हैं. हमारी असफलता को आप कुछ भी कह लो नजर कह लो...या कुछ भी... किसी की ताकत है कि जो नजर लगाकर दिखाए.'

वो आगे कहते हैं, 'जब उससे नजरें मिला ली तो फिर किसी की नजर क्या लगेगी. मायाधीश से आंखे मिला लीं तो कोई नजर नहीं लगती. ये सब बातें छोड़ो. राधा राधा जपो. राधा-राधा नाम जपकर ही घर से बाहर निकलो. कोई बाधा नहीं रहेगी.'

प्रेमानंद महाराज ने इससे पहले भी कई बार अपने प्रवचनों में बताया है कि सद्कर्म सबसे बड़ी चीज होती है. अच्छा काम कीजिए, प्रभु का नाम लीजिए और सेवा के कामों में हिस्सा लीजिए. इससे सब बिगड़े काम बनने लगेंगे. 

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